आपदा में तो बच गया, लेकिन बरसी पर हुई मौत
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रुद्रप्रयाग के कंडारा गांव का अनूप पिछले साल 16-17 जून को आई आपदा में तो बच गया, लेकिन आपदा की बरसी पर उसकी मौत हो गई।
मंगलवार की सुबह किसी विकलांग युवक की खाई में गिरकर मौत होने की खबर आई। पता चला वह अनूप ही था।
अगस्त्यमुनि में 108 श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ चल चल रहा है। अनूप पिछले चार दिनों से यहीं रह रहा था।
संतुलन खो बैठा और खाई में गिरा
मंगलवार सुबह सूचना मिली कि वह खाई में गिर गया। रेगुलर और राजस्व पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
राजस्व उप निरीक्षक सुरेंद्र उखियाल ने बताया कि संभवतया अगस्त्यमुनि क्रीड़ा मैदान के किनारे जाते समय अनूप संतुलन खो बैठा और खाई में गिर गया।
जल प्रलय से बचा था अनूप
यह बड़ा अजीब समानता है कि पिछले साल 16 जून की शाम जब केदारनाथ जलप्रलय से गौरीकुंड में कई लोगों की जान चली गई।
वहीं शारीरिक रुप से अपंग अनूप सही सलामत बच गया था।
लेकिन इस घटना के ठीक एक साल बाद 17 जून को केदारनाथ जलप्रलय में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए आयोजित कथा यज्ञ में पहुंचे अनूप की खाई में गिरने से मौत हो गई।
अनूप को गौरीकुंड से गुप्तकाशी ले आई थी सेना
अगस्त्यमुनि के पूर्व कनिष्ठ उप प्रमुख रमेश बेंजवाल ने बताया कि पिछले साल 16 जून को जब आपदा आई तो अनूप गौरीकुंड बाजार में स्थित तप्त कुंड में था।
आपदा में तप्त कुंड सहित अन्य भवन तबाह हो गए। कई लोगों की जान चली गई। लेकिन अनूप बच गया।
उसको सेना की टीम गौरीकुंड से गुप्तकाशी ले आई थी। लेकिन इस घटना के ठीक एक साल बाद अनूप की मौत हो गई।