उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों ने शुरू की हड़ताल, ये है वजह
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सात सूत्रीय मांग को लेकर राज्य कर्मचारी बुधवार को राजधानी स्थित परेड ग्राउंड में गरजे। उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी समन्वय मंच के आह्वान पर उन्होंने धरना दिया और जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया।
सभी जिला मुख्यालयों पर भी मंच के बैनर तले कर्मचारी एक दिन का आकस्मिक अवकाश लेकर धरने पर बैठे। इस दौरान जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी प्रेषित किए गए।
इस मौके पर कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल चले जाएंगे। मंच के सचिव संयोजक सुनील कोठारी ने कहा कि पूरे प्रदेश में 60 विभागों से संबंधित कर्मचारियों ने जनपदों में धरना और प्रदर्शन किया।
परेड ग्राउंड में आयोजित सभा में तय हुआ कि मंच का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। चार फरवरी को महारैली के बाद सचिवालय का घेराव किया जाएगा और इसी दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की जाएगी।
सभा को मुख्य संयोजक नवीन कांडपाल, सुनील कोठारी, पंचम सिंह बिष्ट, सुभाष रतूड़ी, शक्ति आर्य, पूर्णानंद नौटियाल, हरीश नौटियाल, रमेश रमोला, सुभाष देवलियाल, मुकेश ध्यानी, एमआर खंडूड़ी, यश्वीर सिंह बिष्ट, संदीप कुमार मौर्य, अकोश राज उनियाल, एसएस चौहान, प्रवेश सेमवाल, अजय गुप्ता, अमर सिंह चौहान, मंजू पुंडीर, उपेंद्र गोलय, सबर सिंह, बीना रावत, अंजना गुप्ता, अमर सिंह चौहान समेत कई अन्य कर्मचारियों ने संबोधित किया और धरना दिया।
मंच की सात सूत्रीय मांग
1. सभी कार्मिकों को केंद्र के समान सभी भत्ते तत्काल दिए जाएं
2.पूरे सेवाकाल में कम से कम तीन पदोन्नतियां अनिवार्य रूप से मिले
3.आयुष्मान योजना का लाभ सेवारत व सेवानिवृत्त कार्मिकों को तत्काल मिले
4.आयुष्मान योजना में उच्च स्तरीय सुविधा संपन्न अस्पतालों को शामिल किया जाए
5.अर्हकारी सेवा में शिथिलीकरण की पूर्ववर्ती व्यवस्था को यथावत लागू रखा जाए
6.अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए
7. एक साल बाद सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों का तबादला ऐच्छिक स्थान पर हो
8. वेतन विसंगति समिति की रिपोर्ट में कर्मचारी विरोधी फैसले लागू न किए जाएं
यूं चलेगा चरणबद्ध आंदोलन
-15 से 31 जनवरी तक प्रदेश में जनजागरण अभियान
-4 फरवरी को देहरादून में महारैली व सचिवालय घेराव
-महारैली में अनिश्चितकालीन हड़ताल का होगा ऐलान
मंच से संबद्ध संवर्गों के पदाधिकारी ही जुटे
उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के बैनर तले आयोजित धरना-प्रदर्शन में ज्यादातर मंच से संबद्ध संवर्गों के पदाधिकारी ही जुटे। आम कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन में बढ़चढ़कर शामिल होने से परहेज किया। प्रदेश के तकरीबन सभी कार्यालयों में कामकाज आंशिक रूप से ही प्रभावित रहा। मंच नेताओं के मुताबिक, कर्मचारी आकस्मिक अवकाश लेकर का धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए थे।