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Dehradun News: न्यायालय के आदेश पर पैठ बाजार में भूमि को किया कब्जा मुक्त
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न्यायालय के आदेश पर तहसील प्रशासन ने शुक्रवार को जीवनगढ़ स्थित पैठ बाजार की भूमि को कब्जा मुक्त किया। टीम भूमि पर रखी निर्माण सामग्री को जब्त कर ले गई। न्यायालय की ओर से अतिक्रमणकारी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।
तहसीलदार ग्यारू दत्त जोशी ने बताया कि भूमि पर कॉलम खड़े करने की तैयारी की जा रही थी। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने ग्राम पंचायत की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया था। बताया कि ठेकेदार और अतिक्रमणकारी के बीच उच्च न्यायालय में केस चल रहा था। इस बीच अतिक्रमणकारी सिविल कोर्ट को भ्रमित कर स्टे लेकर आ गया। उन्होंने बताया कि 25 मई को न्यायालय ने आदेश में अतिक्रमणकारी पर 10 हजार का जुर्माना लगाया। बताया कि न्यायालय के आदेश पर भूमि को कब्जा मुक्त कर दिया गया है।
वहीं, ग्राम प्रधान जीवनगढ़ सारा सुहैल ने बताया कि वर्ष 2002 में तत्कालीन ग्राम प्रधान ने डांडा जीवनगढ़ में पानी की टंकी के निर्माण के लिए भूमि ली थी। बताया कि उसके बदले भू-स्वामी को जीवनगढ़ में भूमि दी गई थी। रजिस्ट्री में भूमि के खसरा नंबर का उल्लेख था, लेकिन दिशाएं नहीं खोली गई थी। बताया कि भूमि पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति ने भू-स्वामी से भूमि खरीदी थी। उसने रजिस्ट्री के दौरान भूमि की दिशाएं भी खोल दीं। जिस पर ग्राम पंचायत की ओर तहसील प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई गई थी।
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तहसीलदार ग्यारू दत्त जोशी ने बताया कि भूमि पर कॉलम खड़े करने की तैयारी की जा रही थी। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने ग्राम पंचायत की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया था। बताया कि ठेकेदार और अतिक्रमणकारी के बीच उच्च न्यायालय में केस चल रहा था। इस बीच अतिक्रमणकारी सिविल कोर्ट को भ्रमित कर स्टे लेकर आ गया। उन्होंने बताया कि 25 मई को न्यायालय ने आदेश में अतिक्रमणकारी पर 10 हजार का जुर्माना लगाया। बताया कि न्यायालय के आदेश पर भूमि को कब्जा मुक्त कर दिया गया है।
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वहीं, ग्राम प्रधान जीवनगढ़ सारा सुहैल ने बताया कि वर्ष 2002 में तत्कालीन ग्राम प्रधान ने डांडा जीवनगढ़ में पानी की टंकी के निर्माण के लिए भूमि ली थी। बताया कि उसके बदले भू-स्वामी को जीवनगढ़ में भूमि दी गई थी। रजिस्ट्री में भूमि के खसरा नंबर का उल्लेख था, लेकिन दिशाएं नहीं खोली गई थी। बताया कि भूमि पर अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति ने भू-स्वामी से भूमि खरीदी थी। उसने रजिस्ट्री के दौरान भूमि की दिशाएं भी खोल दीं। जिस पर ग्राम पंचायत की ओर तहसील प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई गई थी।
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