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नर्स ने गर्भवती के साथ की शर्मनाक हरकत, फिर ऐसे हुई डिलीवरी, जच्चा-बच्चा हायर सेंटर रेफर

Wed, 02 Jan 2019 08:51 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, मंगलौर
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, मंगलौर Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 02 Jan 2019 08:51 AM IST
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Nurse Deny to do pregnant women delivery in Government Hospital
नवजात - फोटो : डेमो

रुड़की के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रात के समय गर्भवती महिला को भर्ती कराने पहुंचे परिजनों को नर्स ने प्रसव कराने से इनकार कर दिया। तभी अचानक हुई प्रसव पीड़ा के चलते महिला से बिना चिकित्सकीय मदद के ही बच्चे को जन्म दे दिया।

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इसके बावजूद स्टाफ ने महिला को भर्ती नहीं किया। ऐसे में परिजनों ने रात में तो महिला प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दी, लेकिन अगले दिन सुबह हंगामा कर महिला को दोबारा सामुदायिक केंद्र में भर्ती कराया। हालांकि हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा को हायर सेंटर रेफर कर दिया।
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सोमवार रात निजामपुर गांव निवासी गर्भवती अरुणा पत्नी सत्येंद्र को उसके परिजन क्षेत्र के आशा नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के लिए लाए। उस वक्त कोई स्टाफ नर्स ड्यूटी पर मौजूद नहीं थी।
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ऐसे में गर्भवती को बेड पर लेटाकर आशा स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रहने वाली नर्स को बुलाने चली गई। आरोप है कि नर्स ने ड्यूटी पर नहीं होने का तर्क देकर प्रसव कराने से इनकार कर दिया। अचानक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो गई।

परिजन अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार करते रहे। इसके बाद बिना किसी चिकित्सकीय सहायता के ही महिला ने एक बच्चे को जन्म दे दिया। आरोप है कि नर्स ने बच्चे का प्राथमिक उपचार करने से भी मना कर दिया।

मजबूरन परिजन जच्चा-बच्चा को एक निजी चिकित्सालय में ले गए। जहां रात भर दोनों को रखा गया। मंगलवार सुबह परिजन एक बार फिर महिला और बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंचे।
 

यहां परिजन महिला को भर्ती करने पर अड़ गए। परिजनों का हंगामा देख चिकित्सा कर्मियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ पीके सिंह को सूचना दी। डॉ पीके सिंह ने जच्चा बच्चा का परीक्षण कर उन्हें भर्ती कर लिया और उपचार दिया।

इसके बाद महिला का हीमोग्लोबिन स्तर 5 से नीचे पाए जाने पर उसे उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉ पीके सिंह का कहना है कि महिला चिकित्सक के छुट्टी पर होने तथा नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण काफी समय से रात में प्रसव की सुविधा नहीं दी जा रही है। संबंधित आशा को इस संबंध में जानकारी थी। फिर भी वह रात के समय गर्भवती को यहां ले कर आई।

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