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ना बाबा ना, अब देहरादून में नहीं देंगे डिलीवरी
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देहरादून। ‘न बाबा न! अब दून में स्मैक की डिलीवरी नहीं देंगे’ ‘स्मैक लेनी है तो बरेली या फिर हरिद्वार आइए’। एक सप्ताह में बरेली के तीन नशे के सौदागरों की गिरफ्तारी के बाद नशा बाजार में हड़कंप की स्थिति है। अब पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए तस्करों ने अपनी रणनीति बदल ली है। नशे के धंधे से जुड़ी ‘मछलियों’ को अब बरेली अथवा हरिद्वार आकर डिलीवरी देने की सलाह दी गई है। इस इनपुट के बाद पुलिस भी अब नई रणनीति बनाने में जुट गई है।
नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम तो कई बरस से चल रही है, लेकिन यह ‘मगरमच्छों’ की बजाय छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर खूब वाहवाही लूटती रही। नतीजा यह रहा कि बरेली, मुरादाबाद और यूपी के अन्य हिस्सों से नेटवर्क चला रहे ‘मगरमच्छ’ फलते-फूलते गए। अमर उजाला की मुहिम के साथ पुलिस ने इस पर अंकुश लगाने के लिए काम का तरीका बदला। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने पुलिस के अलावा एसओजी को ‘मगरमच्छों’ की धरपकड़ का टारगेट दिया। फोकस इस बात पर है कि इनका नेटवर्क ध्वस्त किया जाए। इसके सार्थक परिणाम सामने आए। प्रेमनगर पुलिस ने बरेली के इकलास उर्फ मामा को गिरफ्तार कर 320 ग्राम स्मैक बरामद की थी। इसके चार दिन बाद शहर कोतवाली पुलिस ने बरेली के कामरान उर्फ कफील और भूरा को गिरफ्तार किया। इनके अलावा बरेली के पांच से अधिक तस्करों को वांटेड भी घोषित किया।
सूत्रों के अनुसार पुलिस कार्रवाई से घबराए नशे के सौदागर अब देहरादून में स्मैक और दूसरे मादक पदार्थों की डिलीवरी देने को तैयार नहीं है। मादक पदार्थों के साथ पकड़े गए दो युवकों से पूछताछ में यह बात सामने आई है। इसकी व्हाट्सएप पर हुई बातचीत का रिकार्ड भी है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में पुलिस का एक्शन कितना प्रभावी होगा।
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बरेली के तीन सौदागरों और उनसे जुड़े 30 के करीब लोगों के खिलाफ कार्रवाई से नशा बाजार में हड़कंप की स्थिति स्वाभाविक है। इनपुट मिला है कि नशा कारोबारियों ने अपनी रणनीति बदल दी है। उसी आधार पर पुलिस भी आगे बढ़ रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए जनमानस का भी सहयोग मिल रहा है। -अरुण मोहन जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
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नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम तो कई बरस से चल रही है, लेकिन यह ‘मगरमच्छों’ की बजाय छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर खूब वाहवाही लूटती रही। नतीजा यह रहा कि बरेली, मुरादाबाद और यूपी के अन्य हिस्सों से नेटवर्क चला रहे ‘मगरमच्छ’ फलते-फूलते गए। अमर उजाला की मुहिम के साथ पुलिस ने इस पर अंकुश लगाने के लिए काम का तरीका बदला। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने पुलिस के अलावा एसओजी को ‘मगरमच्छों’ की धरपकड़ का टारगेट दिया। फोकस इस बात पर है कि इनका नेटवर्क ध्वस्त किया जाए। इसके सार्थक परिणाम सामने आए। प्रेमनगर पुलिस ने बरेली के इकलास उर्फ मामा को गिरफ्तार कर 320 ग्राम स्मैक बरामद की थी। इसके चार दिन बाद शहर कोतवाली पुलिस ने बरेली के कामरान उर्फ कफील और भूरा को गिरफ्तार किया। इनके अलावा बरेली के पांच से अधिक तस्करों को वांटेड भी घोषित किया।
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सूत्रों के अनुसार पुलिस कार्रवाई से घबराए नशे के सौदागर अब देहरादून में स्मैक और दूसरे मादक पदार्थों की डिलीवरी देने को तैयार नहीं है। मादक पदार्थों के साथ पकड़े गए दो युवकों से पूछताछ में यह बात सामने आई है। इसकी व्हाट्सएप पर हुई बातचीत का रिकार्ड भी है। अब यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में पुलिस का एक्शन कितना प्रभावी होगा।
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बरेली के तीन सौदागरों और उनसे जुड़े 30 के करीब लोगों के खिलाफ कार्रवाई से नशा बाजार में हड़कंप की स्थिति स्वाभाविक है। इनपुट मिला है कि नशा कारोबारियों ने अपनी रणनीति बदल दी है। उसी आधार पर पुलिस भी आगे बढ़ रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए जनमानस का भी सहयोग मिल रहा है। -अरुण मोहन जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक