{"_id":"65bca2873de0187dd402b57d","slug":"now-silkyara-tunnel-will-be-ready-only-by-2025-uttarkashi-uttarakhand-news-read-more-update-in-hindi-2024-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi: अब 2025 तक ही बनकर तैयार होगी सिलक्यारा सुरंग, बेहद सावधानी से बढ़ाए जा रहे निर्माण की ओर कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi: अब 2025 तक ही बनकर तैयार होगी सिलक्यारा सुरंग, बेहद सावधानी से बढ़ाए जा रहे निर्माण की ओर कदम
Fri, 02 Feb 2024 01:44 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 02 Feb 2024 01:44 PM IST
सार
बीते साल 12 नवंबर को सिलक्यारा सुरंग हादसे के बाद इसका निर्माण दो माह तक बंद रहा। एक सप्ताह पूर्व केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कार्यदायी संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को सुरंग निर्माण शुरू करने की अनुमति दे दी है।
विज्ञापन
सिलक्यारा सुरंग में बचाव अभियान जारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग अब वर्ष 2025 तक ही बनकर तैयार होगी। हादसे के बाद सुरंग के निर्माण के लिए एक सप्ताह पूर्व केंद्र की अनुमति मिल चुकी है। लेकिन सुरंग के निर्माण की ओर कदम बेहद सावधानी से बढ़ाए जा रहे हैं। कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि अब सुरंग निर्माण को लेकर पूरी सावधानी बरती जा रही है। जिसके चलते सुरंग निर्माण में डेढ़ साल का समय लगना तय है।
विज्ञापन
दरअसल, चारधाम सड़क परियोजना में करीब 853.79 करोड़ लागत से निर्माणाधीन 4.5 किमी लंबी सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण इस साल मार्च तक पूरा होना था लेकिन बीते साल 12 नवंबर को सुरंग के सिलक्यारा मुहाने के पास हुए भूस्खलन हादसे के बाद इसका निर्माण दो माह तक बंद रहा। एक सप्ताह पूर्व 23 जनवरी को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कार्यदायी संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) को सुरंग निर्माण शुरू करने की अनुमति दी।
विज्ञापन
जोखिम लेने से पहले सुरक्षा पुख्ता
इसके बाद कार्यदायी संस्था ने सुरंग के बड़कोट छोर से तो सुरंग निर्माण संबंधी कार्य शुरू कर दिए हैं। सुरंग के सिलक्यारा वाले मुहाने के करीब भूस्खलन के मलबे के कारण ये काम नहीं हो पा रहे हैंं जिनमें सुरंग के सुदृढ़ीकरण के साथ पानी निकालने और मलबा हटाने का काम शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में कार्यदायी संस्था के साथ निमाण कंपनी के लोग जोखिम के बीच भी सुरंग निर्माण कार्य पूरा करने में लगे थे। यही वजह है कि दीपावली के एक दिन पहले भी यहां काम जोरों पर था लेकिन हादसे के बाद कार्यदायी संस्था और निर्माण कंपनी के लोग किसी तरह का जोखिम लेने से पहले सुरक्षा पुख्ता चाहते हैं। ऐसे में सुरंग निर्माण पूरा होने में यहां अभी
विज्ञापन
एक से डेढ़ समय लग सकता है।
ये भी पढ़ें...काम की बात: अब सरकारी छुट्टी के दिन भी जमा होंगे बिजली के बिल...इस तरह से करेंगे तो 1.5% की छूट भी मिलेगी
सिलक्यारा छोर से टनल की स्ट्रेंगथनिंग, पानी निकालने और फिर मलबा हटाने के बाद ही निर्माण शुरू होगा। ऐसे में सुरंग के ब्रेक थ्रू याने कि आर-पार होने में एक साल का समय लगेगा। ब्रेक थ्रू मिलने के बाद अवशेष काम पूरा
करने में छह माह का समय और लगेगा। ऐसे में सुरंग निर्माण वर्ष 2025 तक ही पूरा होगा। -कर्नल दीपक पाटिल, महाप्रबंधक, एनएचआईडीसीएल।