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Dehradun: एसएलआर के बाद अब पिस्टल चलाना सीखेंगे होमगार्ड के जवान, जुलाई में शुरू होगा प्रशिक्षण
Fri, 23 Jun 2023 04:24 PM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jun 2023 04:24 PM IST
सार
होमगार्ड्स के कमांडेंट जनरल केवल खुराना ने बताया, शासन की अनुमति के बाद विभाग में सौ 9 एमएम पिस्टल और दस हजार राउंड गोलियां खरीदी गई हैं। जवानों को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है।
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- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
एसएलआर के बाद अब होमगार्ड पिस्टल चलाना भी सीखेंगे। केंद्रीय संस्थान थानो, देहरादून में प्रशिक्षण एवं फायरिंग अभ्यास होगा। जुलाई के पहले हफ्ते से 21 दिनों का प्रशिक्षण शुरू होगा। होमगार्ड के हर जवान को नौ एमएम पिस्टल के रखरखाव, शस्त्र से संबंधित सावधानियों की जानकारी दी जाएगी। अभ्यास के दौरान हर जवान से 25 राउंड फायरिंग कराई जाएगी।
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होमगार्ड्स के कमांडेंट जनरल केवल खुराना ने बताया, शासन की अनुमति के बाद विभाग में सौ 9 एमएम पिस्टल और दस हजार राउंड गोलियां खरीदी गई हैं। जवानों को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है।
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वर्ष 2022 में होमगार्ड के जवानों को 7.62 एमएम एसएलआर चलाने का प्रशिक्षण दिया गया था। उन्हीं प्रशिक्षित जवानों में से 50 को पिस्टल चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले चरण में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के 45 वर्ष की आयु से कम उम्र वाले जवान प्रशिक्षण में शामिल होंगे। कहा, रोजाना तड़के चार बजे से रात दस बजे तक प्रशिक्षण चलेगा।
इस दौरान परेड से लेकर आंतरिक और वाह्य कक्षाएं, विश्राम और मनोरंजन की व्यवस्था भी होगी। इस दौरान कोई भी जवान संस्थान नहीं छोड़ सकेगा। इस अवधि में ड्यूटी भत्ते के समान धनराशि प्रदान की जाएगी।
कमांडेंट जनरल केवल खुराना ने बताया, होमगार्ड के जवानों को अब तक थाना-चौकियों के साथ सरकारी दफ्तरों में सामान्य सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जाती है। लेकिन, एसएलआर और 9 एमएम पिस्टल चलाने के प्रशिक्षण के बाद उन्हें संत्री व एस्कॉर्ट ड्यूटी जैसी अहम जिम्मेदारियां भी दी जाएंगी।