फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Now hard marking excuse will not work if the marks are low Uttarakhand Technical University

Uttarakhand: नंबर कम आने पर अब नहीं चलेगा हार्ड मार्किंग का बहाना, यूटीयू ने तैयार किया मॉडल सॉल्यूशन

Wed, 19 Jun 2024 11:39 AM IST
रेनू सकलानी अंकित गर्ग, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
अंकित गर्ग, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 19 Jun 2024 11:39 AM IST
सार

यूटीयू ने कॉपी मूल्यांकन में एकरूपता लाने के लिए मॉडल सॉल्यूशन तैयार किया है। कॉपी जांचने वाले परीक्षक अंक देते समय मनमानी नहीं कर सकेंगे।

विज्ञापन
Now hard marking excuse will not work if the marks are low Uttarakhand Technical University
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

अब परीक्षा में नंबर कम आने पर आपका लाड़ला हार्ड मार्किंग का बहाना नहीं बना सकेगा। क्योंकि उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर परीक्षाओं में कॉपियों के मूल्यांकन में एकरूपता लाने की पहल की है। इसके तहत 300 से अधिक प्रश्नपत्रों के मॉडल सॉल्यूशन तैयार कराए गए हैं।

विज्ञापन


इसमें दिए गए प्रश्नों के उत्तर के आधार पर सभी छात्रों को एकसमान अंक दिए जाएंगे। साथ ही कॉपी जांचने वाले परीक्षक भी अंक देते समय मनमानी नहीं कर सकेंगे। विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा संपन्न होने के बाद अब कॉपियों के मूल्यांकन का काम शुरू हो चुका है। मूल्यांकन और फिर रिजल्ट जारी होने के बाद अक्सर कम नंबर आने को लेकर छात्र तरह-तरह की शिकायतें करते नजर आते हैं।
विज्ञापन


शिक्षक समान रूप से मार्किंग कर सकेंगे
यही नहीं अक्सर घर पर तो यही कहा जाता है कि उनके सभी पेपर अच्छे हुए थे, लेकिन कॉपियां जांचने वाले ने ही हार्ड मार्किंग कर दी। यही नहीं छात्र दोबारा कॉपियाें की जांच कराने के लिए भी आवेदन करते हैं। इससे विश्वविद्यालय और छात्र दोनों को परेशानी होती है। अब विवि ने कॉपियां जांचने के लिए मॉडल सॉल्यूशन तैयार कराए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कि एक विषय की कॉपियों को जांचने के लिए अलग-अलग शिक्षकों को भेजा जाता है। कई बार शिक्षक एक ही तरह के जवाब पर कम या ज्यादा नंबर दे देते हैं। लेकिन अब कॉपियों के साथ शिक्षक को मॉडल सॉल्यूशन भी मिलेगा। जिससे कि सभी शिक्षक समान रूप से मार्किंग कर सकेंगे। विवि परीक्षा नियंत्रक डाॅ. वीके पटेल ने बताया कि बीटेक, एमटेक, लॉ, फार्मेसी, होटल मैनेजमेंट, एमबीए, एमसीए, बी ऑर्क, बी फार्मा, एम फार्मा, बीएएलएलबी आदि के करीब 300 से अधिक मॉडल सॉल्यूशन तैयार कराए गए हैं। जिससे परीक्षा मूल्यांकन में एकरूपता आ सकेगी। संवाद



ये भी पढ़ें...मौसम का हाल: अजमेर से ज्यादा गर्म हल्द्वानी, 11 साल का तोड़ा रिकॉर्ड...आज और कल बारिश से राहत की उम्मीद

विशेषज्ञों की कमेटी से तैयार कराए गए मॉडल सॉल्यूशन

मॉडल सॉल्यूशन को विशेषज्ञों की कमेटी ने तैयार किया है। इसके लिए विवि ने एक विभाग के अलग-अलग विशेषज्ञों से प्रश्नों के उत्तर तैयार कराए हैं। परीक्षा नियंत्रक डाॅ. वीके पटेल ने बताया कि मॉडल सॉल्यूशन की व्यवस्था अनिवार्य नहीं है। लेकिन परीक्षा कार्यों में पारदर्शिता और छात्रों की सुविधा को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed