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पहले चुकाया नहीं अब ब्याज सहित देना होगा पूरा क्लेम
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देहरादून। सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को बीमा कंपनी ने पूरा क्लेम देने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब उसे बाकी धनराशि ब्याज के साथ देनी होगी। जिला उपभोक्ता फोरम ने एचडीएफसी अर्गो जनरल इंश्योरेंस के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उसे 20 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति देने के भी आदेश दिए हैं। यह धनराशि बीमा कंपनी को 30 दिनों के भीतर अदा करनी होगी।
भूपेंद्र सिंह दुग्तल की अध्यक्षता वाली फोरम ने यह फैसला जितेंद्र कुमार भल्ला निवासी गोविंदगढ़ की शिकायत पर सुनाया है। भल्ला के अनुसार पांच दिसंबर 2015 को उनकी कार मसूरी से लौटते वक्त पानीवाला बैंड के पास खाई में गिर गई थी। इस दुर्घटना में भल्ला को काफी चोट आईं। इस कारण उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां अस्पताल ने उनके इलाज का खर्च 5,25,708 रुपये बताया। इसके लिए भल्ला ने कंपनी को पहले ही सूचित कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने इस क्लेम में से 363999 रुपये तो चुका दिए, लेकिन जब वे डिस्चार्ज हुए तो बाकी रकम के क्लेम का अकारण ही निरस्त कर दिया। अस्पताल ने 5,25,708 रुपये के अलावा 37,774 रुपये भी चार्ज किए। इस तरह कंपनी पर शेष क्लेम 1,99,485 रुपये बनता है। जिला उपभोक्ता फोरम के समक्ष इंश्योरेंस कंपनी से वाजिब तर्क नहीं दे पाई। फोरम ने 199485 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज, 20 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये वाद खर्च के रूप में अदा करने के आदेश दिए हैं।
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भूपेंद्र सिंह दुग्तल की अध्यक्षता वाली फोरम ने यह फैसला जितेंद्र कुमार भल्ला निवासी गोविंदगढ़ की शिकायत पर सुनाया है। भल्ला के अनुसार पांच दिसंबर 2015 को उनकी कार मसूरी से लौटते वक्त पानीवाला बैंड के पास खाई में गिर गई थी। इस दुर्घटना में भल्ला को काफी चोट आईं। इस कारण उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां अस्पताल ने उनके इलाज का खर्च 5,25,708 रुपये बताया। इसके लिए भल्ला ने कंपनी को पहले ही सूचित कर दिया था। इसके बाद कंपनी ने इस क्लेम में से 363999 रुपये तो चुका दिए, लेकिन जब वे डिस्चार्ज हुए तो बाकी रकम के क्लेम का अकारण ही निरस्त कर दिया। अस्पताल ने 5,25,708 रुपये के अलावा 37,774 रुपये भी चार्ज किए। इस तरह कंपनी पर शेष क्लेम 1,99,485 रुपये बनता है। जिला उपभोक्ता फोरम के समक्ष इंश्योरेंस कंपनी से वाजिब तर्क नहीं दे पाई। फोरम ने 199485 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज, 20 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और पांच हजार रुपये वाद खर्च के रूप में अदा करने के आदेश दिए हैं।
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