फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   No threat to Kedarnath temple for more than 50 years

अब 50 से अधिक वर्षों तक केदारनाथ को नहीं कोई खतरा, जानिए वजह

Mon, 13 Nov 2017 02:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,रुद्रप्रयाग
ब्यूरो/अमर उजाला,रुद्रप्रयाग Updated Mon, 13 Nov 2017 02:45 PM IST
विज्ञापन
No threat to Kedarnath temple for more than 50 years
केदारनाथ

आपदा की मार झेल चुके केदारनाथ को अब अगले 50 वर्षों तक कोई खतरा नहीं है। केदारनाथ में 16/17 जून 2013 की तबाही की वजह बने चोराबाड़ी ताल से आगामी 50 से अधिक वर्षों तक केदारनाथ मंदिर, केदारपुरी और केदारघाटी को कोई खतरा नहीं है।

विज्ञापन


केदारनाथ मंदिर से चार किमी की दूरी पर स्थित ताल में पानी का बहाव बहुत कम हो चुका है। वहीं, काफी बड़े क्षेत्र में मुहाना क्षतिग्रस्त होने से यह क्षेत्र मिनी मैदान में तब्दील हो चुका है। वाडिया संस्थान के वैज्ञानिक पूरे क्षेत्र पर नजर रखे हुए हैं।
विज्ञापन


समुद्रतल से 12582 फीट की ऊंचाई पर स्थित चोराबाड़ी ताल इन दिनों अधिकांश सूखा पड़ा है। यहां चारों तरफ रेतीली मिट्टी बिखरी हुई है और अन्य क्षेत्र में सूखी घास है। ग्लेशियर से जो पानी निकल रहा है उसका बहाव भी कम हो चुका है और पानी सीधे मंदाकिनी नदी में मिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

चोराबाड़ी ताल बना था वैज्ञानिकों का ‌‌सिरदर्द

No threat to Kedarnath temple for more than 50 years
Chorabari
वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, देहरादून के वरिष्ठ वैज्ञानिक एपी डोभाल ने बताया कि ताल का मुहाना 10 मीटर से अधिक क्षतिग्रस्त है, जिससे यहां मैदान सा बना हुआ है। ऐसे में झील बनने या काफी मात्रा में पानी ठहरने की कोई संभावना नहीं रह गई है।

आपदा के बाद से हर वर्ष कम से कम दो बार, बरसात से पूर्व और बरसात के बाद चोराबाड़ी ताल और निकटवर्ती इलाके का उपकरणों के माध्यम से वृहद अध्ययन किया जा रहा है। वहां की जो वर्तमान स्थिति है, उससे आने वाले 50 वर्षों या उससे अधिक समय तक मंदिर सहित केदारपुरी को कोई खतरा नहीं है।

इधर, कुछ दिन पूर्व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की टीम ने भी चोराबाड़ी ताल का भ्रमण किया है। टीम सदस्यों ने बताया कि वहां पानी की मात्रा बहुत कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed