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...तो आज से नहीं जाएगी बिजली
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 23 Dec 2013 09:03 AM IST
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उत्तराखंड सरकार का प्लान सफल रहा तो सोमवार से प्रदेश में बिजली संकट खत्म हो जाएगा।
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लोगों को ही नहीं औद्योगिक इकाईयों को भी 24 घंटे बिजली मिलेगी। योजना के अनुसार अतिरिक्त खरीद के बावजूद जरूरत पड़ने पर अब रोजाना बिजली खरीदी जा सकेगी। 23 दिसंबर से यह सिलसिला शुरू हो जाएगा।
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रोजाना 3.2 करोड़ यूनिट बिजली की जरूरत
शुक्रवार को हुई ऊर्जा विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने इस संबंध में निर्देश दिए थे। फिलहाल राज्य में रोजाना 3.2 करोड़ यूनिट बिजली की जरूरत है। जल विद्युत निगम करीब 80 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन कर रहा है।
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जबकि करीब एक करोड़ यूनिट बिजली सेंट्रल पूल से मिल जाती है। इसके अलावा 80 लाख यूनिट बिजली टेंडर के जरिए खरीदी जा रही है, जो जनवरी में बढ़कर एक करोड़ यूनिट हो जाएगा।
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यह बिजली तीन रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदी जा रही है। जबकि औद्योगिक इकाईयों से प्रति यूनिट साढ़े चार रुपए वसूले जाते हैं।
इसके अलावा तात्कालिक जरूरत के अनुसार बिजली खरीदी जाएगी, जिससे कटौती शून्य की जा सके। खास बात यह है कि इस फार्मूले से ऊर्जा निगम पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा।
सस्ती बिजली घरों को, महंगी उद्योगों को
घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति जल विद्युत निगम और केंद्रीय पूल से मिलने वाले शेयर से की जाएगी। जल विद्युत निगम और केंद्रीय पूल से बिजली बेहद कम दरों पर मिलती है। वहीं, टेंडर के जरिये और रोजाना खरीदी जाने वाली महंगी बिजली औद्योगिक इकाईयों को दी जाएगी।
पुन्हाना-मुजफ्रनगर लाइन बनी मुसीबत
उत्तर प्रदेश में 400 केवीए की पुन्हाना-मुजफ्रनगर लाइन उत्तराखंड के लिए मुसीबत बनी हुई है। यह लाइन अक्सर ट्रिप हो जाती है, जिससे उत्तराखंड में बिजली की उपलब्धता होते हुए भी कटौती करनी पड़ी रही है। उत्तर प्रदेश लगातार इस लाइन के जरिए बिजली ओवर ड्रा करता है, जिसके कारण ट्रिपिंग की समस्या खड़ी हो जाती है।
एडवांस खरीद में फायदा
पिछले दो साल से प्रदेश में दो या तीन या माह पहले ही बिजली खरीद ली जाती है। एडवांस खरीद का फायदा यह होता है कि बिजली कुछ सस्ती मिल जाती है।
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यदि जरूरत का सही आंकलन कर ज्यादा बिजली पहले ही खरीद ली जाए तो प्रदेश को काफी फायदा हो सकता है। बाद में बिजली बचने पर उसे दूसरे प्रदेशों को बेचा भी जा सकता है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में प्रदेश में 24 घंटे बिजली मुहैया कराने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इसको लेकर अफसरों के साथ बैठकें की जा रही हैं, जिससे बिजली की खरीददारी सुनिश्चित की जा सके।
- एसएस यादव, प्रबंध निदेशक, ऊर्जा निगम