कुत्ते ने काटा तो हल्दी मिर्च से ही काम चलाएं, सरकारी इलाज भूल जाएं
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यदि आपको कुत्ते ने काट लिया तो सरकारी अस्पताल में इलाज करवाना तो भूल ही जाइए। या तो वैक्सीन बाजार से खुद खरीदकर लानी होगी या फिर घर पर बैठकर हल्दी मिर्च लगाकर ही काम चलाना पड़ेगा। क्योंकि सरकारी अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन का कोटा 15 दिनों से खत्म हुआ पड़ा है।
इन 15 दिनों में अस्पताल प्रबंधन ने रैबीज वैक्सीन खरीदने की जहमत तक नहीं उठाई। चारधाम यात्रा के मद्देनजर सरकारी अस्पताल का दावा था कि टीकाकरण वैक्सीन और दवा खत्म नहीं होगी लेकिन यह दावे हवा में निकल गए।
इन दिनों अस्पताल में कुत्ते के काटने के जो भी मरीज आ रहे हैं उन्हें वैक्सीन का कोटा खत्म होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मियों और मरीज के बीच विवाद
वैक्सीन नहीं होने पर इंजेक्शन कक्ष में स्वास्थ्य कर्मियों और मरीज के बीच विवाद हो रहा है। कुत्ते के काटने पर सरकारी अस्पताल में रैबीज के मुफ्त इंजेक्शन लगते हैं। बाजार में रैबीज वैक्सीन की कीमत काफी अधिक है।
लिहाजा वैक्सीन का इंतजाम करने को मरीज और उनके तीमारदार स्वास्थ्य कर्मियों से उलझ रहे हैं। इसी फजीहत से बचने के लिए इंजेक्शन कक्ष में रैबीज वैक्सीन खत्म होने का नोटिस चस्पा कर दिया है। यह हाल तब है जब सरकारी अस्पताल में प्रतिदिन कुत्ते काटे के 25 से 30 मामले आते हैं।
मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. एके गैरोला का कहना है कि अस्पताल में रैबीज वैक्सीन की आपूर्ति करने वाली दवा कंपनी के पास स्टॉक खत्म होने से दिक्कत आई है। मुख्यालय को रैबीज वैक्सीन उपलब्ध कराने की डिमांड भेज दी है। अस्पताल में अन्य दवाओं का पर्याप्त कोटा है।