तीन तलाक पर बहस गलत नहीं, देश संविधान से ही चलता है: नकवी
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केंद्र सरकार शरीयत में कोई दखलंदाजी नहीं कर रही है। ऐसी मंशा सरकार की नहीं है। कुछ लोग गलत प्रचार करके इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते हैं। ट्रिपल तलाक पर बहस होनी चाहिए, यह कोई गलत बात नहीं है। देश संविधान से ही चलता है। शनिवार को जीजीआईसी में आयोजित प्रोग्रेस पंचायत में केंद्रीय राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने ये बात कही।
नकवी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार 125 करोड़ लोगों के विकास की बात करती है। सभी वर्गों का चहुंमुखी विकास हो रहा है। देश की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अल्पसंख्यकों, दलितों, पिछड़ा वर्ग के लोगों पर ध्यान दिया जा है। किसी के धर्म मजहब पर कोई चोट नहीं की जा रही और ना ही की जा सकती है।
वह उत्तराखंड में वोट का नहीं बल्कि विकास का मसौदा लेकर आए हैं। मोदी सरकार की प्राथमिकता भ्रष्टाचार को खत्म करने की है। आजादी के बाद केंद्र, राज्य सरकारों ने सबसे ज्यादा खर्च शिक्षा पर किया, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते सही लाभ नहीं हुआ। वह ढाई सौ करोड़ रुपए उत्तराखंड के अल्पसंख्यक विभाग को शिक्षा और अन्य विकास कार्यों के लिए मंजूर करके आए हैं।
इससे पूर्व उन्होंने जाह्न्वी जेआईटीएम स्किल ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन किया। पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार, केंद्र सरकार अनेकों विकास योजनाएं चला रही है। लेकिन जानकारी के अभाव में जनता को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सवालों की बौछार से उखड़े मंत्री
केंद्रीय राज्यमंत्री नकवी जनता के सवालों से भड़क उठे। हुआ यूं कि मंच से जनता को केंद्रीय मंत्री के समक्ष समस्याएं रखने के लिए 10 मिनट का वक्त दिया गया था। छह मिनट बाद ही केंद्रीय मंत्री ने सवाल जवाब का सिलसिला बंद करने को कहा तो जनता भड़क उठी।
जब भीड़ उठने लगी तो पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी ने माइक थामते हुए जनता को समझाया कि केंद्रीय मंत्री को अभी दिल्ली जाना है। जो भी समस्याएं हैं, वे क्षेत्र के सांसद होने के नाते उन्हें दें। वे समस्याओं को मंत्री जी तक पहुंचा देंगे। जिसके बाद ही जनता का आक्रोश शांत हुआ। उधर कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि केन्द्रीय मंत्री ने महिलाओं की समस्या को नहीं सुना।