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Dehradun News: न शिनाख्त परेड, न मालिक की गवाही, संदेह के लाभ में आरोपी बरी
Thu, 01 Oct 2026 11:57 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Thu, 01 Oct 2026 11:57 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के ढकरानी निवासी अमजद अली को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने 2010 के सड़क हादसे में लापरवाही से वाहन चलाकर मौत के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि हादसे के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली अमजद ही चला रहा था। निचली अदालत की सजा रद्द कर दी गई।
मामले के अनुसार 21 जून 2010 को रात करीब 1:30 बजे ढकरानी में फूल सिंह के घर के पास रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने अतर सिंह को टक्कर मार दी थी। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने अमजद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 29 जुलाई 2024 को उसे दोषी ठहराया था।
अपील की सुनवाई में अदालत ने पाया कि वादी और गवाहों ने फुरकान व अली हसन के ट्रैक्टर पर सवार होने की बात कही, लेकिन चालक कौन था, यह स्पष्ट नहीं हुआ। वाहन स्वामी शहीद हसन की गवाही अदालत में नहीं कराई गई, न शिनाख्त परेड हुई। संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने निचली अदालत का सजा का आदेश रद्द कर आरोपी को बरी कर दिया। संवाद
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मामले के अनुसार 21 जून 2010 को रात करीब 1:30 बजे ढकरानी में फूल सिंह के घर के पास रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने अतर सिंह को टक्कर मार दी थी। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने अमजद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 29 जुलाई 2024 को उसे दोषी ठहराया था।
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अपील की सुनवाई में अदालत ने पाया कि वादी और गवाहों ने फुरकान व अली हसन के ट्रैक्टर पर सवार होने की बात कही, लेकिन चालक कौन था, यह स्पष्ट नहीं हुआ। वाहन स्वामी शहीद हसन की गवाही अदालत में नहीं कराई गई, न शिनाख्त परेड हुई। संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने निचली अदालत का सजा का आदेश रद्द कर आरोपी को बरी कर दिया। संवाद
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