फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   no help for footballer dipendra

प्रतिभा निखारने में 'फेल' साबित हो रही सरकार

Mon, 12 Aug 2013 10:38 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Mon, 12 Aug 2013 10:38 PM IST
विज्ञापन
no help for footballer dipendra

दून के दीपेंद्र सिंह नेगी अपने दम पर कामयाबी की सीढ़ी चढ़ रहे हैं। काठमांडू में सैफ फुटबाल चैंपियनशिप की विजेता अंडर-16 भारतीय टीम के सदस्य दीपेंद्र की राज्य सरकार और खेल विभाग को अब तक कोई सुध नहीं है। छोटी सी उम्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का टूर्नामेंट जीतने वाले दीपेंद्र को सम्मान तो दूर सरकार से बधाई तक नहीं मिली है।

विज्ञापन


राजधानी स्थित सीमा द्वार की गलियों में कभी दोस्तों संग शौकिया फुटबाल खेलने वाले दीपेंद्र सिंह नेगी आज अंडर-16 टीम के प्रमुख खिलाड़ी हैं। इन दिनों वह कतर में अंडर-16 एएफसी कप में प्रतिभाग कर रहे हैं। दीपेंद्र के मामा वीएस रावत ने बताया कि छह साल की उम्र में दीपेंद्र ने फुटबाल खेलना शुरू किया था। 2010 में उन्हें पहला स्टेट लेवल टूर्नामेंट खेलने का मौका मिला।
विज्ञापन


टीम में जगह बनाई

2012 में ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन के देहरादून में हुए ट्रायल में कोलकाता एकेडमी के लिए दीपेंद्र का चयन हुआ। वहां खेल की बारीकियां सीख उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई है। उनकी पढ़ाई और अन्य खर्चे एआईएफएफ उठा रहा है, लेकिन राज्य सरकार से कोई मदद उन्हें नहीं मिली है। दीपेंद्र के पिता धीरेंद्र सिंह नेगी पौड़ी में हैं, दून में उनका परिवार किराये पर रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed