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...तो अब भाजपा में बाहर वालों की एंट्री होगी बैन
रजा शास्त्री/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 05 Apr 2014 11:59 PM IST
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सियासत में बहुधा लोग बहती बयार देख उसी ओर पीठ कर लेते हैं। आजकल भाजपा का यही हाल है। माहौल उसके पक्ष में है। भाजपा के कुनबे में शामिल होने की होड़ है। लेकिन पाला बदलने वालों से पुराने भाजपाई असहज हो रहे हैं।
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अब भाजपा अपने दरवाजे पर ऐसे लोगों के लिए ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लगाने वाली है। भाजपाई दूसरे दलों के नेताओं की संख्या बढ़ने से असहज हो रहे हैं। बाहरी लोगों की ‘भीड़’ से पार्टी के अंदर विचारधारा, अनुशासन और कैडर प्रभावित होने की आशंका जाहिर की जा रही है।
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थिंक टैंक ने दी खतरे की चेतावनी
भाजपा के थिंक टैंक ने पार्टी के जिम्मेदारों को दूसरे दलों के बागियों के आने से पैदा होने वाले खतरे से आगाह कर दिया है। रणनीतिकारों को इससे पार्टी की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता नजर आ रहा है।
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प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी का कहना है कि पार्टी के अंदर दूसरे दलों के 20 फीसदी लोग तक खपाए जा सकते हैं। इससे अधिक भीड़ बढ़ी तो उन्हें संभालेगा कौन?
अपने दल की विचारधारा लेकर चलते हैं लोग
जोशी का कहना है कि भाजपा की अपनी विचारधारा है। सालों के प्रशिक्षण के बाद पार्टी का कैडर तैयार होता है। दूसरे दलों के लोग अपने दल की विचारधारा लेकर आते हैं। व्यक्ति की विचारधारा बदलना एक दिन का काम नहीं होता।
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उनका कहना है कि अगर दूसरे दलों के लोगों की पार्टी में भीड़ अधिक हो गई तो दिक्कत होगी। जोशी ने यह जाहिर नहीं किया कि ‘नो एंट्री’ का बोर्ड किस दिन और तारीख से लगेगा।
पार्टी के अंदरखाने चल रही बहस
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कई दलों के लोगों ने भाजपा में शामिल होने की इच्छा जताई है। इनमें बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपने दल में गुटबाजी के लिए चर्चित रहे हैं। इस पर पार्टी में अंदरखाने बहस का माहौल बन रहा है।
कई नेता जो भाजपा में पहले शामिल हो चुके हैं, वे अब समर्थकों को पार्टी के अंदर एडजस्ट करवाने की जुगत में हैं। इससे भाजपा के सेकेंड लाइन के नेता सबसे अधिक चिंतित हैं। वजह यह कि पार्टी में आए दूसरे दलों के नेता इस लाइन में आकर खड़े हो गए हैं।