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उत्तराखंड: आपदा में फंसे लोगों से हेलीकॉप्टर किराया लेने का कोई फैसला नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 15 Jul 2018 10:07 PM IST
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- फोटो : डेमो
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उत्तराखंड सरकार द्वारा पिथौरागढ़ में आपदा प्रभावितों को हेलीकॉप्टर से निकाले जाने पर किराया लिए जाने की खबर को अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने भ्रामक बताया है।
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उन्होंने कहा कि भारी बारिश की संभावनाओं को देखते हुए आपदा में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर गढ़वाल व कुमाऊं में एक-एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई है। पिथौरागढ़ की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां हेलीकॉप्टर रखने का निर्णय लिया है।
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हेली परिवहन कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा में फंसे लोगों व स्थानीय नागरिकों से कोई किराया नहीं लिया जाएगा। हेलीकाप्टर की आपदा राहत के लिए जरूरत न हो केवल उस समय पिथौरागढ़ में धारचूला से गुंजी तक सामान्य यात्रियों (जो कि आपदा प्रभावित नहीं हैं) को ले जाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
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इसके लिए यात्री से किराया 2500 रुपए लिया जा सकेगा। यह किराया सिर्फ नॉन रेस्क्यू उड़ानों के लिए निर्धारित किया है। परंतु आपदा बचाव के लिए जरूरत होने पर हेलीकाप्टर सामान्य यात्रियों के लिए प्रयोग नहीं किया जाएगा। आपदा में फंसे लोगों व स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए कोई किराया नहीं लिया जाएगा।