{"_id":"59f69a5a4f1c1bec538b9fbc","slug":"niti-aayog-give-uttarakhand-good-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नीति आयोग की रिपोर्ट में खुलासा, दस साल में उत्तराखंड ने इस क्षेत्र में की खूब तरक्की ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीति आयोग की रिपोर्ट में खुलासा, दस साल में उत्तराखंड ने इस क्षेत्र में की खूब तरक्की
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 30 Oct 2017 01:17 PM IST
विज्ञापन
niti ayog
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
10 दिन बाद अपना 18वां जन्मदिवस मनाने जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के उत्तराखंड ने देश में सामाजिक प्रगति में नए आयाम स्थापित किए हैं। केरल, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के बाद उत्तराखंड ने सामाजिक प्रगति सूचकांक में देश में चौथा स्थान हासिल किया है। यह सूचकांक केंद्र सरकार की आर्थिक सलाहकार परिषद् और नीति आयोग के निर्देशों पर तैयार हुआ है।
विज्ञापन
खास बात यह है कि कई मामलों में उत्तराखंड कई बड़े और पुराने राज्यों से भी आगे निकल गया है। तरक्की के इस सूचकांक में उत्तराखंड ने पंजाब, दिल्ली, कर्नाटक, हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
विज्ञापन
यह सूचकांक इंस्टीट्यूट फॉर कांपिटीटिवनेस ने तैयार किया है, जो वर्ष 2005 से 2016 के बीच की प्रगति को बयां करता है। सूचकांक के मुताबिक, बिहार देश में सामाजिक प्रगति के लिहाज से सबसे पिछड़ा राज्य है। उत्तराखंड का स्कोर 64.23 है तो वहीं बिहार का स्कोर 44.89 है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश का सामाजिक प्रगति स्कोर 50.96 है।
विज्ञापन
सामाजिक प्रगति सूचकांक
सामाजिक प्रगति सूचकांक में सामाजिक प्रगति के विभिन्न मानकों के हिसाब से राज्यों को अंक दिए गए हैं। सूचकांक तैयार करते हुए बुनियादी मानव जरूरतें, पोषाहार और स्वास्थ्य सेवाएं, निजी सुरक्षा, बुनियादी ज्ञान आदि विभिन्न पैमानों पर इसका आकलन किया गया है।
रिपोर्ट में देश के राज्यों को उनकी प्रगति के स्कोर के हिसाब से तीन समूहों में बांटा गया है। पहला समूह उन राज्यों का है जहां सामाजिक प्रगति सबसे अधिक हुई है। दूसरा समूह मध्यम प्रगति वाले राज्यों और तीसरा समूह सबसे पिछड़े राज्यों का है।
सबसे बेहतरीन सामाजिक प्रगति वाले 15 राज्य
pm modi
- फोटो : ANI
राज्य-स्कोर
केरल-68.09
हिमाचल प्रदेश-65.39
तमिलनाडु-65.34
उत्तराखंड-64.23
गोवा-63.39
मिजोरम-62.89
सिक्किम-62.72
पंजाब-62.18
दिल्ली-60.17
कर्नाटक-59.72
महाराष्ट्र-57.88
हरियाणा-57.27
नागालैंड-56.76
छत्तीसगढ़-56.69
गुजरात-56.65
उत्तराखंड को ये मिले स्कोर
विषय-स्कोर
बुनियादी आवश्यकताएं -67.58
पोषण और बुनियादी चिकित्सा देखभाल-44.84
पानी और स्वच्छता-78.08
शेल्टर-76.21
व्यक्तिगत सुरक्षा-71.16
बेहतर जीवन के बुनियादी तत्व-66.42
बुनियादी ज्ञान तक पहुंच-78.60
आईटी तक पहुंच-47.95
स्वास्थ्य और कल्याण-81.99
पर्यावरण की गुणवत्ता-57.16
अवसर-58.70
व्यक्तिगत अधिकार-66.05
व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद-72.56
एडवांस एजुकेशन तक पहुंच-53.12
मध्यम और पिछड़े राज्य
राज्य-स्कोर
आंध्र प्रदेश-56.13
मणिपुर-55.50
जम्मू-कश्मीर-55.41
अरुणाचल प्रदेश-55.24
मध्य प्रदेश-55.03
पश्चिम बंगाल-54.37
मेघालय-53.51
त्रिपुरा-53.22
राजस्थान-52.31
उड़ीसा-51.64
उत्तर प्रदेश-50.96
असम-48.53
झारखंड-47.80
बिहार-44.89
केरल-68.09
हिमाचल प्रदेश-65.39
तमिलनाडु-65.34
उत्तराखंड-64.23
गोवा-63.39
मिजोरम-62.89
सिक्किम-62.72
पंजाब-62.18
दिल्ली-60.17
कर्नाटक-59.72
महाराष्ट्र-57.88
हरियाणा-57.27
नागालैंड-56.76
छत्तीसगढ़-56.69
गुजरात-56.65
उत्तराखंड को ये मिले स्कोर
विषय-स्कोर
बुनियादी आवश्यकताएं -67.58
पोषण और बुनियादी चिकित्सा देखभाल-44.84
पानी और स्वच्छता-78.08
शेल्टर-76.21
व्यक्तिगत सुरक्षा-71.16
बेहतर जीवन के बुनियादी तत्व-66.42
बुनियादी ज्ञान तक पहुंच-78.60
आईटी तक पहुंच-47.95
स्वास्थ्य और कल्याण-81.99
पर्यावरण की गुणवत्ता-57.16
अवसर-58.70
व्यक्तिगत अधिकार-66.05
व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद-72.56
एडवांस एजुकेशन तक पहुंच-53.12
मध्यम और पिछड़े राज्य
राज्य-स्कोर
आंध्र प्रदेश-56.13
मणिपुर-55.50
जम्मू-कश्मीर-55.41
अरुणाचल प्रदेश-55.24
मध्य प्रदेश-55.03
पश्चिम बंगाल-54.37
मेघालय-53.51
त्रिपुरा-53.22
राजस्थान-52.31
उड़ीसा-51.64
उत्तर प्रदेश-50.96
असम-48.53
झारखंड-47.80
बिहार-44.89