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Dehradun News: निखिल, पावनी और अनिरुद्ध के निशाने पर ओलंपिक का गोल्ड
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उत्तराखंड के युवा शूटर ओलंपिक में निशाना साधकर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का सपना बुन रहे हैं। इस सपने को पूरा करने के लिए निखिल जीना, पावनी रावत और अनिरुद्ध राणा ने हाल ही में भारतीय टीम के चयन के लिए हुए ट्रायल में प्रतिभाग भी किया। यह ट्रायल एक बार फिर जून में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए तीनों युवा खिलाड़ी लंबे समय से अभ्यास कर रहे हैं।
तीनों खिलाड़ी सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल के छात्र हैं। दून निवासी 12वीं के छात्र निखिल ने कहा, ओलंपिक गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल लाना उनका सपना है। इससे पहले निखिल ने मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजित हुई जूनियर नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में ऑल इंडिया सातवीं रैंक हासिल प्रदेश का मान बढ़ाया था। जबकि बीते साल उत्तराखंड में पहली बार आयोजित हुई केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) नार्थ जोन शूटिंग प्रतियोगिता में निखिल ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
वहीं, मूल रूप से रुड़की निवासी 12वीं की छात्रा पावनी ने कहा, ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की मन में ठानी है। तैयारी के दौरान कई बार निराशा भी हाथ लगती है, बावजूद इसके नजर और निशाना सिर्फ लक्ष्य पर है। पावनी ने भोपाल में हुई सीनियर नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। वहीं, अनिरुद्ध ने कहा, भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर ओलंपिक में खेलने के लिए मेहनत शुरू कर दी है। जून में आयोजित होने वाले ट्रायल में शानदार प्रदर्शन कर टीम में जगह पक्की करना पहला लक्ष्य है।
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बीटेक की पढ़ाई कर अक्षय बने शूटिंग कोच
तीनों खिलाड़ियों के कोच अक्षय आनंद मूल रूप से बिहार के हैं। दून के एक निजी विश्वविद्यालय से बीटेक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने युवाओं को शूटिंग के गुर सिखाने का फैसला लिया। अक्षय खुद राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग खिलाड़ी हैं। वर्तमान में वह सोशल बलूनी स्कूल की एकेडमी में करीब 40 बच्चों को शूटिंग की बारीकियां सीखा रहे हैं।
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प्रदेश के युवाओं में हुनर की कमी नहीं है। बस जरूरत है उन्हें मंच उपलब्ध कराने की। उत्तराखंड के युवा खेलों में प्रदेश और देश का नाम रोशन करें, इसी बात को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
विपिन बलूनी, प्रबंध निदेशक, सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल
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तीनों खिलाड़ी सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल के छात्र हैं। दून निवासी 12वीं के छात्र निखिल ने कहा, ओलंपिक गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल लाना उनका सपना है। इससे पहले निखिल ने मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजित हुई जूनियर नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में ऑल इंडिया सातवीं रैंक हासिल प्रदेश का मान बढ़ाया था। जबकि बीते साल उत्तराखंड में पहली बार आयोजित हुई केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) नार्थ जोन शूटिंग प्रतियोगिता में निखिल ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
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वहीं, मूल रूप से रुड़की निवासी 12वीं की छात्रा पावनी ने कहा, ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की मन में ठानी है। तैयारी के दौरान कई बार निराशा भी हाथ लगती है, बावजूद इसके नजर और निशाना सिर्फ लक्ष्य पर है। पावनी ने भोपाल में हुई सीनियर नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। वहीं, अनिरुद्ध ने कहा, भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर ओलंपिक में खेलने के लिए मेहनत शुरू कर दी है। जून में आयोजित होने वाले ट्रायल में शानदार प्रदर्शन कर टीम में जगह पक्की करना पहला लक्ष्य है।
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बीटेक की पढ़ाई कर अक्षय बने शूटिंग कोच
तीनों खिलाड़ियों के कोच अक्षय आनंद मूल रूप से बिहार के हैं। दून के एक निजी विश्वविद्यालय से बीटेक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने युवाओं को शूटिंग के गुर सिखाने का फैसला लिया। अक्षय खुद राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग खिलाड़ी हैं। वर्तमान में वह सोशल बलूनी स्कूल की एकेडमी में करीब 40 बच्चों को शूटिंग की बारीकियां सीखा रहे हैं।
प्रदेश के युवाओं में हुनर की कमी नहीं है। बस जरूरत है उन्हें मंच उपलब्ध कराने की। उत्तराखंड के युवा खेलों में प्रदेश और देश का नाम रोशन करें, इसी बात को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
विपिन बलूनी, प्रबंध निदेशक, सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल