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एनएच-74 लाइन शिफ्टिंग घोटाले की जांच पूरी, प्रबंधक निदेशक को सौंपी रिपोर्ट
Sun, 19 May 2019 11:24 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 19 May 2019 11:24 AM IST
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एनएच-74 लाइन शिफ्टिंग घोटाले की जांच फिलहाल पूरी कर ली गई है। मुख्य अभियंता कुमाऊं व जांच अधिकारी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट यूपीसीएल मुख्यालय को भेज दी है। जांच अधिकारी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है कि यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता समेत कई अभियंताओं ने ठेकेदार के साथ मिलकर गड़बड़झाला किया।
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प्रकरण में अधिशासी अभियंता समेत चार अभिंताओं को दोषी ठहराए जाने के बाद अब कार्रवाई की तैयारी है। यूपीसीएल के प्रबंधक निदेशक बीसीके मिश्रा का कहना है कि प्रकरण की जांच पूर कर ली गई और आरोप पत्र जारी किए जा रहे हैं। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें, एनएच 74 के निर्माण के दौरान नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग के बीचोबीच में खड़े बिजली के पोल हटाने के लिए एक निजी कंपनी को 60 करोड़ का ठेका दिया था। इसके सुपरविजन की जिम्मेदारी यूपीसीएल को सौंपी गई थी। इसके एवज में यूपीसीएल ने 15 फीसदी बजट भी जमा कराया। एनएचएआई के प्रावधानों के तहत लाइन शिफ्टिंग करते समय पुराने बिजली के पोल व तार की जगह नया पोल व तार लगाया जाना था, लेकिन ठेकेदार ने यूपीसीएल के अभियंताओं से मिलीभगत करके पुराने पोल व तार लगा दिए।
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प्रकरण उजागर होने के बाद यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने इसकी जांच मुख्य अभियंता कुमाऊं को सौंपी। मुख्य अभियंता ने जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी, लेकिन अभी तक घोटाले में किसी भी अधिकारी व अभियंता पर कार्रवाई नहीं हो पायी है। दूसरी ओर इस संबंध में जब प्रबंध निदेशक यूपीसीएल बीसीके मिश्रा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि प्रकरण की जांच रिपोर्ट मुख्यालय को मिल गई है।
अधिशासी अभियंता समेत चार अभियंताओं को जल्द ही आरोपपत्र जारी किए जाएंगे। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं सचिव ऊर्जा राधिका झा ने यूपीसीएल में लंबित तमाम घोटालों की जांच रिपोर्ट 15 दिन के भीतर तलब की है।