एनएच-74 घोटाले के आरोपियों पर अब लटकी आयकर जांच की तलवार
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प्रदेश में सामने आए एनएच-74 घोटाले के आरोपियों पर अब आयकर जांच की तलवार लटक गई है। आयकर विभाग और इनवेस्टिगेशन विंग की अहम बैठक में बृहस्पतिवार को इस पर चर्चा हुई। आयकर विभाग ने इस जांच के लिए इनवेस्टिगेशन विंग से दस्तावेज मांगे हैं।
एनएच-74 घोटाले में भूमि अधिग्रहण के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई थीं। इसकी एसआईटी जांच हुई तो दो आईएएस, छह पीसीएस समेत 27 लोग आरोपी बनाए गए। इनमें आईएएस सस्पेंड हो गए थे। छह पीसीएस और बाकी आरोपी जेल गए थे। घोटाले में पैसे के बड़े लेन-देन का मामला प्रकाश में आया था।
इसी लेन-देन की जांच के लिए आयकर विभाग ने अब कवायद शुरू की है। प्रधान मुख्य आयकर अधिकारी पीके गुप्ता ने बताया कि इसके लिए राज्य सरकार की जांच एजेंसी के साथ बैठक की गई है। बैठक में जांच एजेंसी से सभी वित्तीय दस्तावेज मांगे गए हैं। इन दस्तावेज के आधार पर 15 दिन के भीतर जांच पूरी की जाएगी। इसके बाद जो भी आरोपी पकड़ में आएंगे, उनके खिलाफ आयकर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस बार पहाड़ में भी होगा आयकर सर्वे
पहाड़ में व्यापार करने वाले जो लोग आयकर नहीं भर रहे हैं, वह इस बार आयकर विभाग के निशाने पर आ गए हैं। एक अक्तूबर से मैदानी और पर्वतीय जिलों में आयकर विभाग का सर्वे शुरू होने जा रहा है। इसके लिए आयकर विभाग ने बड़े पैमाने पर प्लानिंग बनाई है।
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त पीके गुप्ता ने बताया कि अभी तक आयकर विभाग का फोकस देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों पर रहता है। इस बार पहाड़ के हर ब्लॉक तक आयकर विभाग ने पहुंच बनाने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत एक अक्तूबर से सर्वे शुरू होने जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया जा रहा है। जो लोग आयकर रिटर्न भरने में लापरवाही कर रहे हैं या जिन्होंने आयकर रिटर्न में टैक्स की रकम छिपाई है। आयकर विभाग ने इस वित्तीय वर्ष के शुरुआती छह माह में केवल जागरुकता पर फोकस किया है। अब बाद के छह माह सर्वे पर फोकस रहेगा।