{"_id":"5ba1c290867a557fef6f85c2","slug":"nh-74-scam-ias-pankaj-pandey-problem-can-be-increased","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएच 74 घोटाला: आईएएस पंकज की बढ़ी मुसीबत, चंद्रेश को राहत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएच 74 घोटाला: आईएएस पंकज की बढ़ी मुसीबत, चंद्रेश को राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 19 Sep 2018 08:59 AM IST
विज्ञापन
nh 74 scam
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनएच 74 भूमि अधिग्रहण घोटाले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने राज्य सरकार से निलंबित आईएएस पंकज पांडेय के खिलाफ अभियोजन मंजूरी मांगी है।
विज्ञापन
इस प्रकरण में निलंबित दूसरे आईएएस चंद्रेश यादव को फिलहाल राहत है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पंकज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के ठोस आधार मिले हैं। वहीं, एसआईटी की मांगी मंजूरी पर सरकार विधिक राय ले रही है। प्रदेश सरकार के अभियोजन मंजूरी देने की स्थिति में एसआईटी आईएएस पंकज के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार भी कर सकती है।
विज्ञापन
एनएच 74 के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजा देने के कई निर्णयों में एसआईटी को गड़बड़ी मिली है। एसआईटी जांच के आधार पर सरकार ने 11 सितंबर को आईएएस पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव को सस्पेंड करने का आदेश दिया था। दोनों अधिकारी कार्मिक विभाग के साथ अटैच हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, दोनों को आरोप पत्र जारी करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई, जबकि एसआईटी ने पंकज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति सरकार से मांग ली है।
विज्ञापन
अभियोजन मंजूरी के लिए कई ठोस आधार एसआईटी ने सरकार को सौंपे हैं। अभियोजन मंजूरी का अंतिम फैसला सरकार को लेना है। सरकार मंजूरी देने के पक्ष में है, लेकिन एहतियात के तौर पर विधिक राय ली जा रही है। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो सरकार जल्द मंजूरी दे सकती है। मंजूरी देने की स्थिति में आईएएस पंकज पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के साथ गिरफ्तारी भी संभव है। इस मामले में कुछ पीसीएस अफसरों को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है।
ये हैं दोनों अफसरों पर आरोप
सस्पेंड आईएएस पंकज पांडेय के खिलाफ सरकारी भूमि और अवैध कब्जों वाली भूमि की एवज में मुआवजा देने का आरोप है। जबकि चंद्रेश यादव पर अकृषि भूमि को कृषि दिखाकर करोड़ों का मुआवजा देने का आरोप है। चंद्रेश यादव के खिलाफ भले अभियोजन मंजूरी नहीं मांगी गई है, लेकिन निलंबन के बाद विस्तृत जांच की कार्रवाई की जद में रहेंगे। चार्जशीट का उच्च स्तर पर परीक्षण चल रहा है, जल्द ही दोनों को आरोप पत्र सौंप दिए जाएंगे।