एनएच-74 घोटाला: कोर्ट ने 24 आरोपियों पर अलग-अलग धाराओं में आरोप लगाने के दिए आदेश
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उत्तराखंड के बहुचर्चित एनएच-74 घोटाला मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राजीव कुमार खुल्बे ने बुधवार को सभी 24 आरोपियों पर अलग-अलग धाराओं में आरोप लगाने (चार्ज फ्रेम करने) के आदेश सुनाए। पिछली सुनवाई में फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।
ऊधमसिंह नगर में हुए एनएच-74 घोटाले का मामला खुलने के बाद तत्कालीन एडीएम (वित्त) प्रताप शाह ने 10 मार्च 2017 को पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे की जांच के लिए शासन स्तर पर एसआईटी गठित की गई थी। जांच टीम ने इस घोटाले में पीसीएस अधिकारी, राजस्व कर्मियों एवं किसानों समेत 27 लोगों को गिरफ्तार किया था।
मामले में 24 लोगों पर लगे आरोपों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि आईएएस अधिकारी पंकज पांडे पर मुकदमे के लिए शासन से स्वीकृति अभी नहीं मिली है। वहीं एक अन्य आईएएस चंद्रेश यादव बहाल हो चुके हैं।
इस मामले में दोनों पक्षों के बीच जिरह और सुनवाई पूरी होने के बाद बीते शनिवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राजीव खुल्बे ने 25 सितंबर तक फैसला सुरक्षित रखा था। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने पैरवी की।
ये हैं घोटाले के आरोपी और उन पर लगी धाराएं
डीपी सिंह एसएलओ, भगत सिंह फोनिया एसडीएम, संजय कुमार चौहान पेशकार, राम समुझ अनुसेवक, अनिल कुमार संग्रह अमीन, मदन मोहन पलड़िया तहसीलदार, भोले लाल तहसीलदार, विकास कुमार पेशकार, अनिल कुमार एसडीएम, नंदन सिंह नगन्याल एसडीएम, मोहन सिंह तहसीलदार, संतराम पेशकार, अमर सिंह चकबंदी अधिकारी, गणेश चकबंदी अधिकारी, तीरथ पाल सिंह पर 167, 218, 219, 409, 420, 465, 466, 471, 120 बी 34 आईपीसी व 13-(1) घ पीसी एक्ट, सपठित धारा 13 (दो) पीसी एक्ट।
किसान चरन सिंह, जीशान दलाल, ओम प्रकाश, अर्पण कुमार डाटा एंट्री आपरेटर, विक्रमजीत सिंह, मनदीप सिंह, हरमिंदर सिंह, दिलबाग और हीरा लाल पर धारा 420, 465, 466, 471, 474, 120 बी 34 आईपीसी, 8/9 पीसी एक्ट।