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एनएच-74 घोटाला: जसपुर के फरार किसान ने किया सरेंडर, लिया था 10 करोड़ का मुआवजा
Wed, 28 Aug 2019 08:15 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जसपुर (ऊधमसिंह नगर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जसपुर (ऊधमसिंह नगर)
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 28 Aug 2019 08:15 AM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड में एनएच-74 घोटाले में लंबे समय से फरार चल रहे जसपुर तहसील के काश्तकार ने नैनीताल कोर्ट में सरेंडर किया है। किसान पर अपनी दो एकड़ जमीन का बैक डेट में 143 कराकर 10 करोड़ रुपये मुआवजा हड़पने का आरोप है।
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भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के सामने इस बात का खुलासा हुआ था कि रुद्रपुर के साथ ही अन्य तहसीलों के काश्तकारों ने तत्कालीन अधिकारियों और तहसील कर्मियों के साथ मिलकर अपनी भूमि का बैक डेट में 143 कराकर करोड़ों का मुआवजा हड़पा है।
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जांच के बाद एसआईटी ने छह पीसीएस सहित 27 लोगों को जेल भेजने के साथ ही मुआवजा हड़पने वाले 18 किसानों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद गिरफ्तारी से बचने को कई किसान भूमिगत हो गए।
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जसपुर तहसील के लालपुर गांव निवासी काश्तकार दिलबाग सिंह ने भी भू-अधिग्रहण के दौरान तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह फोनिया की मदद से अपनी दो एकड़ भूमि का बैक डेट में 143 कराया।
इसके एवज में उसे 10 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला। गिरफ्तारी न होने पर दो माह पूर्व एसआईटी ने दिलबाग सिंह के खिलाफ धारा 82 के तहत कार्रवाई की थी। इसके बाद मंगलवार को दिलबाग सिंह ने नैनीताल स्थित विशेष न्यायालय में सरेंडर कर दिया है।