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Uttarakhand: जंगलों में कब्जे और पेड़ कटान का NGT ने लिया स्वत: संज्ञान, प्रमुख वन संरक्षक को नोटिस जारी
Fri, 20 Sep 2024 08:52 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 20 Sep 2024 08:52 PM IST
सार
एनजीटी ने पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (रीजनल कार्यालय, देहरादून) और प्रमुख वन संरक्षक को नोटिस जारी किया है। मामले में सुनवाई से एक सप्ताह पहले अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
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एनजीटी
- फोटो : संवाद
विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 22 अगस्त को अमर उजाला में प्रकाशित उत्तराखंड के 104 वर्ग किलोमीटर जंगल पर कब्जा, सैकड़ों पेड़ काटे जाने की खबर का स्वत: संज्ञान लिया है। एनजीटी ने पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (रीजनल कार्यालय, देहरादून) और प्रमुख वन संरक्षक को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी।
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एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की खंडपीठ ने जारी आदेश में कहा कि खंडपीठ ऐसे ही एक मामले की सुनवाई कर रही है, जिसमें पूरे देश में दिल्ली के पांच गुना अधिक वन भूमि पर कब्जा होने का मामला था। एनजीटी ने मामले में सुनवाई से एक सप्ताह पहले अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
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