राजनीति: उम्र बढ़ने के साथ हरिद्वार से लगाव भी बढ़ रहा...हरीश रावत की पोस्ट ने मचाई हलचल, चुनावी संकेत
हरिद्वार से एक बार फिर विधानसभा की सियासत में उतरने की इच्छा ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मन की बात सामने ला दी है। हालांकि पार्टी और राज्य के समीकरणों के बीच रावत अपनी इस हसरत को दबाने की बात भी कह रहे हैं।
विस्तार
कुछ माह पूर्व खुद विधानसभा चुनाव से दूर रहने की घोषणा कर चुके हरदा का मन एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने के लिए कुलाचे मार रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (हरदा) ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट जारी कर अपनी हसरत का खुलासा किया है। उन्होने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ हरिद्वार से उनका रोमांस भी बढ़ रहा है।
रावत ने वर्ष 2009 से 2014 तक हरिद्वार का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने इस अवधि को अपने जीवन का स्वर्णिम काल बताया। उनके अनुसार, मतदाता और प्रतिनिधि के रूप में वे एक-दूसरे में घुल-मिल गए थे। सैकड़ों घरों से उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक रिश्ते बने, जो आज भी कायम हैं।
हरिद्वार की सेवा करता रहूंगा
हजारों भाई-बहनों से प्रेम और सौहार्द के रिश्ते भी जारी हैं। उनके मन में एक बार फिर हरिद्वार की विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने की इच्छा है। वह हरिद्वार को उत्तराखंड का संबल और स्तंभ बनाना चाहते हैं। हरीश रावत ने बताया कि उनके मन में हरिद्वार के लिए बहुत सारी सोच और योजनाएं हैं।
सोलानी के इस पार के लोग भी उन्हें हरिद्वार से विधानसभा में भेजना चाहते हैं। हालांकि, राज्य और पार्टी के आंतरिक सवालों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपनी यह भावना दबानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि वह हरिद्वार से एक सुदृढ़ और समन्वयकारी नेतृत्व विधानसभा में पहुंचाने का प्रयास करेंगे। रावत ने यह भी कहा कि जब तक उनमें सांस है, वह अल्मोड़ा को ध्यान में रखकर हरिद्वार की सेवा करते रहेंगे।
हरीश रावत ने भाजपा पर निशाना साधा
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति में दीप प्रज्वलित किए। इस अवसर पर उन्होंने भाजपा सरकार पर संविधान की हत्या करने और धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया।
रावत ने राजीव गांधी कांप्लेक्स में राजीव गांधी की मूर्ति के सामने 101 दीप प्रज्वलित किए। इसके बाद उन्होंने गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सम्मुख 51 दीप जलाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान की हत्या कर सत्ता पर काबिज है। जो महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं कर रही । भाजपा केवल धर्म की राजनीति कर रही है और लोगों को एक-दूसरे के प्रति भड़का रही है। रावत ने कहा कि भारत की प्रेम और सौहार्द की पहचान को तोड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को सूचना प्रौद्योगिकी का जनक बताते हुए इस क्षेत्र में देश की प्रगति का श्रेय उन्हें दिया।
ये भी पढे़ं...बदरीनाथ धाम में DJ पर बवाल: सेना के देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव पर उठे सवाल, जिला प्रशासन ने पल्ला झाड़ा
इस दौरान उन्होंने भाजपा पर छल-कपट से राजनीति में आगे बढ़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, भाजपा के पास न विकास का एजेंडा है और न ही महंगाई पर नियंत्रण। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जनता भाजपा का असली मुखौटा देख चुकी है और आगामी चुनाव में उसे उखाड़ फेंकेगी। रावत ने यह भी घोषणा की कि 26 सितंबर को सैन्य धाम में 101 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इस अवसर पर मनीष नागपाल, लाल चंद शर्मा, गरिमा मेहरा दसौनी आदि मौजूद रहे।