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उत्तराखंड: NGT ने ऑल वेदर रोड पर लगाया ब्रेक, अगली सुनवाई के बाद होगा फैसला

Tue, 13 Mar 2018 07:41 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली/देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली/देहरादून Updated Tue, 13 Mar 2018 07:41 PM IST
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NGT stop all weather road work in uttarakhand
एनजीटी

एनजीटी ने उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड के निर्माण पर रोक लगा दी है। एनजीटी ने कहा कि, केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री को मिलाने वाली चारधाम हाईवे परियोजना को अलग-अलग टुकड़ों में बांटकर किया जा रहा काम फिलहाल रुका रहेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय एवं अन्य पक्षों से कहा है कि वे अगली सुनवाई तक स्पष्ट जवाब दाखिल करें।

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जस्टिस जवाद रहीम की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय पीठ ने सिटिजन फॉर ग्रीन दून की याचिका पर यह आदेश दिया है। एनजीटी में यह याचिका सुशीला भंडारी, उमा जोशी, केशर सिंह पवार, नरेंद्र पोखरियाल, दीपक चंद रमोला और स्वामी संविदानंद की ओर से दाखिल की गई है।
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सुनवाई के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि उनकी ओर से पेड़ काटने के लिए वन मंजूरी ली गई है, लेकिन बाद में अधिवक्ता अपने बयान से मुकरने लगे। पीठ ने कहा कि वे 20 मार्च तक का समय देते हैं। इस दौरान वे अपना स्पष्ट जवाब दाखिल करें। वहीं केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जवाब दाखिल कर दिया गया।
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NGT stop all weather road work in uttarakhand
Demo pic

याचियों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर तो चारधाम हाईवे परियोजना के कामकाज का बोर्ड लगा है, लेकिन परियोजना निर्माण की मंजूरी वाले दस्तावेजों में ऐसा कुछ नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 12 हजार करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी चारधाम हाईवे परियोजना कुल 900 किलोमीटर की है। अब तक वन क्षेत्र में 356 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण का काम किया जा चुका है, जिसके लिए 25,303 पेड़ काटे जा चुके हैं।

अभी 544 किलोमीटर हाईवे का निर्माण शेष है। ऐसे में आगे और पेड़ों की कटाई होगी। वनों को नुकसान होगा। जबकि इतनी बड़ी परियोजना के लिए सिर्फ वन मंजूरी नाकाफी है। पर्यावरणीय मानकों और नियमों से बचने के लिए छोटे-छोटे टुकड़ों में सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। जबकि 100 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी की सड़क परियोजना में वन मंजूरी के अलावा पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन और पर्यावरण मंजूरी की जरूरत होती है।

याचिका के मुताबिक चारधाम परियोजना में ऋषिकेश से धरासू (एनएच 94), धरासु से यमुनोत्री, धरासु से गंगोत्री, ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग, रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड (केदारनाथ), रुद्रप्रयाग से माना गांव (बद्रीनाथ), टनकपुर से पिथौरागढ़ तक विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण करना है और उन्हें जोड़ा जाना है। मालूम हो कि 28 फरवरी को सुनवाई के दौरान एनजीटी ने इस परियोजना पर काम रोकने का मौखिक आदेश जारी किया था।
 

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