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उम्मीद 2022: स्मार्ट सिटी योजना के तहत दर्जनभर योजनाओं को धरातल पर उतारने से लकदक नजर आएगा देहरादून
Sat, 01 Jan 2022 04:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 01 Jan 2022 04:03 PM IST
सार
स्मार्ट सिटी परियोजना में 1000 करोड़ के कार्य होने थे जिसमें से 500 करोड़ के कार्य हो चुके हैं। परियोजना के सीईओ डॉ आर राजेश कुमार की मानें तो इस साल हर हाल में बाकी कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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स्मार्ट सिटी के कार्य देखते मेयर सुनील उनियाल गामा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
अगर सब कुछ केंद्र और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप हुआ तो अगले छह माह के भीतर राजधानी दिल्ली-मुंबई जैसी नजर आएगी। शहरियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, कहीं जाम नहीं लगेगा और हर 50 मीटर पर हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी।
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स्मार्ट सिटी परियोजना में 1000 करोड़ के कार्य होने थे जिसमें से 500 करोड़ के कार्य हो चुके हैं। परियोजना के सीईओ डॉ आर राजेश कुमार की मानें तो इस साल हर हाल में बाकी कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए योजना से जुड़ी निर्माण एजेंसियों को छह माह के भीतर कार्य पूरा करने की हिदायत दी गई है। हर हफ्ते समीक्षा होगी और लापरवाही या ढिलाई पर त्वरित कार्यवाही भी की जाएगी।
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परियोजना के तहत ईसी रोड, हरिद्वार रोड, चकराता रोड, राजपुर रोड पर साढ़े आठ किमी स्मार्ट रोड बनाया जा रहा है।यहां मल्टी यूटिलिटी डक्ट यानी एमयूडी का निर्माण हो रहा है। इसमें सीवरेज लाइनें, जलापूर्ति की पाइपलाइन समेत व्यवस्थाएं की जा रही है। इसके अलावा विभिन्न इलाकों में स्मार्ट शौचालय बनाए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। फिलहाल दस बसें संचालित की जा रही है जबकि बाकी बीस बसों संचालन जल्द किया जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया जा सके, इसके लिए राजधानी के 49 व्यस्ततम चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे। बता दें कि साल 2017 में देहरादून समेत देश के सौ शहरों को स्मार्ट सिटी परि जना के तहत चयनित किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक स्मार्ट सिटी योजना से जुड़े तमाम कार्यों को जून 2022 तक पूरा किया जाना है।
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एक ही भवन में होंगे सभी सरकारी दफ्तर
187 करोड़ की लागत से बनेगी छह मंजिला ग्रीन बिल्डिंग
कलेक्ट्रेट के अलावा विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, आपूर्ति विभाग, जलसंस्थान, पीडब्ल्यूडी, सेवायोजन समेत तमाम सरकारी विभागों को एक ही भवन में लाया जा सके और आमजन को एक ही छत के नीचे तमाम सरकारी सुविधिएं मिले, इसके लिए 187 करोड़ की लागत से छह मंजिला ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा।
देहरादून को मिल चुका है बेस्ट स्मार्ट सिटी का पुरस्कार
स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने को लेकर देहरादून को बेस्ट स्मार्ट सिटी का पुरस्कार केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की ओर से दिया जा चुका है। पेयजल संवर्धन के अलावा वाटर एटीएम लगाने, स्मार्ट वाटर मीटर लगाने और पेयजल स्काडा के क्षेत्र मेंपेयजल मंत्रालय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से बेस्ट वाटर प्रोजेक्ट का अवार्ड भी मिला है।
देश में सबसे अत्याधुनिक है स्मार्ट सिटी परियोजना का आईसीसीसी
बता देें कि स्मार्ट परियोजना के लिए स्थापित इंट्रीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर यानी आईसीसीसी को देश का सर्वश्रेष्ठ आईसीसीसी का पुरस्कार दिया जा चुका है। केेंद्र सरकार की ओर से आईसीसीसी के विशेषज्ञों को दूसरे राज्यों व स्मार्ट सिटी योजना से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का दायित्व भी सौंपा गया है।
प्रस्तावित निर्माण कार्य
- ईसी रोड, हरिद्वार रोड, चकराता रोड और राजरूपपुर रोड में 8.3 किलोमीटर रोड लंबी स्मार्ट रोड
- मल्टी यूटिलिटी डक्ट यानी एमयूडी का निर्माण
- सीवरेज, ड्रेनेज, पानी की लाइन और सड़क निर्माण
- शहर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था
- विभिन्न इलाकों में स्मार्ट शौचालयों का निर्माण
- जिला प्रशासन के तमाम दफ्तरों को एक ही भवन में लाना
- विभिन्न इलाकों में 1,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवाना
- 49 व्यस्ततम चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाया जाना
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तहत 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत तमाम निर्माण कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। हालांकि कोरोना संकट के चलते निर्माण कार्यो की रफ्तार थोड़ी धीमी रही। फलहाल स्मार्ट सिटी परियोजना का 45 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बाकी निर्माण कार्यों को अगले छह के माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
- डॉ. आर राजेश कुमार , जिलाधिकारी एवं सीईओ स्मार्ट सिटी परियोजना