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उत्तराखंड: नए साल पर वन्यजीवों के शिकारियों को दबोचने के लिए उतरी टीम, ड्रोन कैमरे से भी हो रही निगरानी

Wed, 30 Dec 2020 09:12 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 30 Dec 2020 09:12 PM IST
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New Year 2021 in Uttarakhand: Forest Department Team Inspection in Rajaji tiger Reserve
ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

नए साल पर जश्न मनाने की आड़ में शिकारी राजाजी टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों का शिकार न कर सकें, इसके लिए निदेशक की अगुवाई में दर्जन भर से अधिक टीमों ने राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। शिकारियों को धर दबोचा जा सके इसके लिए ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। साथ ही टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों के ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है।

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राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह ने बताया कि नए साल पर शिकारी राजाजी टाइगर रिजर्व में दाखिल होकर वन्यजीवों का शिकार न कर सके इसके लिए सभी एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं। टाइगर रिजर्व के सभी 10 रेंजों में अधिकारियों की अगुवाई में टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं।
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साथ ही शिकार के लिहाज से संवेदनशील इलाकों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। बताया कि अगले कुछ दिनों तक टाइगर रिजर्व के सभी अधिकारी कर्मचारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ही रहेंगे।
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नए साल पर वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगाई गई है। शिकारियों को समय रहते धर दबोचा जा सके इसके लिए ग्रामीणों की मदद ली जा रही है। ग्रामीणों को पांच गाड़ियां भी मुहैया करायी गई हैं।

जिम कार्बेट से लायी गई बाघिन की रेडियो कॉलर से की जा रही निगरानी

जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी टाइगर रिजर्व लाई गई बाघिन की विशेषज्ञ रेडियो कॉलर से निगरानी कर रहे हैं। विशेषज्ञ बाघिन की एक-एक गतिविधि के साथ ही उसके व्यवहार में आए बदलाव पर भी नजर बनाए हुए हैं। 

राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह ने बताया कि फिलहाल बाघिन ठीक-ठाक हालत में है और वह टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र के जंगलों में भ्रमण कर रही है। बता दें, राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र में बाघों की संख्या कम होने के चलते टाइगर रिजर्व में बाघ-बाघिन की संख्या संतुलन गड़बड़ा गया है।

राजाजी टाइगर रिजर्व में कुल 40 बाघ-बाघिन हैं, जिसमें से 38 बाघ और बाघिन पूर्वी क्षेत्र में है। जबकि, पश्चिमी क्षेत्र में सिर्फ दो बाघ हैं। ऐसे में नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के निर्देश पर जिम कार्बेट से राजाजी टाइगर रिजर्व में दो बाघ और तीन बाघिन लाई जा रही हैं। पहले चरण में एक बाघिन को लाया गया है।

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