भारी बारिश से बहा नेपाल और भारत को जोड़ने वाला पुल
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4 नवंबर को जौलजीबी मेले के समय महाकाली में तैयार किया गया अस्थायी पुल बारिश में बह गया है।
अब नेपाल से भारतीय कस्बा जौलजीबी आने-जाने वाले लोग गरारी के सहारे आवाजाही कर रहे है। गरारी का संचालन नेपाल के कुछ युवक कर रहे हैं। इसके एवज में वह एक व्यक्ति को आर-पार कराने के लिए 30 रुपए किराया ले रहे हैं।
भारत और नेपाल को जोड़ने वाला झूलापुल 16 जून 2013 को आपदा के समय बह गया था। उसके बाद से जौलजीबी मेले के समय महाकाली में अस्थायी पुल का निर्माण किया जाता है। यह पुल हर साल जून में नदी का जल स्तर बढ़ते ही बह जाता है।
ग्लेशियर पिघलने से बढ़ा जल स्तर
इस बार तो पुल के लिए खतरा मई अंतिम सप्ताह से ही होने लगा था। ग्लेशियर पिघलने के साथ ही जब नदी का जल स्तर बढ़ा तो पानी पुल के ऊपर तक आने लगा था। खतरे को देखते हुए पुल से आवाजाही बंद कर दी गई थी।
बीते शनिवार को हुई बारिश के समय यह पुल नदी में समा गया। अब नेपाल के पस्ती, गोकुल्या, उकू, बाकू गांवों से जौलजीबी बाजार आने वाले लोग गरारी का प्रयोग कर रहे हैं।
यह गरारी नेपाल के युवक संजय सिंह और उसके साथी संचालित कर रहे हैं। भारतीय क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी के जवान नदी के किनारे निगरानी करते हैं।