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देशभक्ति और अनुशासन का पाठ पढ़ाता है एनसीसी
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सेना में जाकर अपने देश की सेवा करने के लिए सबसे पहले देशभक्ति और अनुशासन का होना जरूरी है। इसके लिए नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) महत्वपूर्ण योगदान देता है। एनसीसी देशभक्ति और अनुशासन का पाठ पढ़ाने के साथ सेना में जाकर देशसेवा के लिए सफर तय करने की पहली सीढ़ी है।
यह बात सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अमर उजाला कार्यालय में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए एसजीआरआर पीजी कॉलेज के एनसीसी विंग की लेफ्टिनेंट अनुष्का काला ने कही। कहा कि एनसीसी में छात्रों को अनुशासन और एकता की सीख दी जाती है। साथ ही देश की तीनों सेनाओं से संबंधित होने से छात्रों में सेना के प्रति सम्मान, राष्ट्र के प्रति गौरव और राष्ट्र निर्माण में छात्रों के योगदान का महत्व भी बताया जाता है। कहा कि आज खुद को यूनिफॉर्म में देख कर गर्व महसूस होता है। वहीं, एसजीआरआर विवि की सहायक प्रो. डॉ. दिव्या नेगी घई ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।
कहा कि अनुशासित और एकता के सूत्र में बंधे युवाओं से देश का भविष्य सुरक्षित है। समर्पित लोगों की देश को बहुत जरूरत है। स्कूल और कॉलेज स्तर पर एनसीसी से जुड़े युवाओं को यही पाठ सिखाया जाता है, ताकि वे आगे चलकर देश की एकता को बनाए रखने अनुशासन में रहते हुए काम कर सकें। दून डिफेंस कॅरिअर प्वाइंट की समन्वयक श्रुति ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए महिलाओं को नेशनल डिफेंस एकेडमी में दाखिल होने का मौका मिलेगा, इसलिए पहली बार इस साल सबसे बड़ी डिफेंस परीक्षा एनडीए एंट्रेंस एग्जाम में लड़कों के साथ ही लड़कियों ने भी प्रतिभाग किया। एक साल पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत फैसला सुनाया था।
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शिक्षिका रुचिका पंत ने कहा कि एनसीसी युवा वर्ग में राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत बनाता है और उन्हें कठोर अनुशासन का पाठ पढ़ाता है। कहा कि इसका उद्देश्य युवा वर्ग में चरित्र निर्माण के साथ निस्वार्थ देश सेवा की भावना का विकास करना है। वहीं इस मौके पर एनसीसी कैडेट्स ने अपने अनुभव और सेना में जाकर देश सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने की बात कही।
एनसीसी कैडेट्स ने अग्निपथ का किया स्वागत
आर्मी, नेवी और वायुसेना में भर्ती के लिए सरकार की नई योजना अग्निपथ की एनसीसी कैडेट्स ने सराहना की। कहा कि एक समय के बाद हमें काम करने वालों और अनुभव के बीच बेहतर संतुलन मिलेगा। सेना में चार साल अपनी सेवा देने वाले युवा समाज को अनुशासित दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इसके अलावा एनसीसी कैडेट्स ने सुझाव देते हुए कहा कि अग्निपथ योजना में आयु सीमा को बढ़ाना चाहिए।
एक सीमा के बाद भेदभाव नहीं करना चाहिए
एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए ले. अनुष्का काला ने कहा कि लड़का-लड़की में भेदभाव को एक सीमा के बाद नहीं करना चाहिए। दोनों में समानता के लिए सबसे पहले भेदभाव को समाप्त करना होगा। इतना ही नहीं स्थिति के अनुसार हमें खुद को मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत बनाना होगा।
ये रहे मौजूद
दून डिफेंस कॅरिअर प्वाइंट, एसजीआरआर पीजी कॉलेज और डीबीएस पीजी कॉलेज की श्रुति, लेफ्टिनेंट अनुष्का काला, डॉ. दिव्या नेगी घई, कुसुम, किरन, दीक्षा, नेहा, मृगना, श्वेता बिष्ट, रिया कुमारी, दीपशिखा नेगी, आरुषि डोभाल, रुचिका पंत, भावना बिष्ट, खुशी, आंचल रावत, प्रीति कुमारी, दिव्या नेगी, तनिषा नेगी, बुशरा रहमान और प्रीति चौहान आदि।
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यह बात सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अमर उजाला कार्यालय में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए एसजीआरआर पीजी कॉलेज के एनसीसी विंग की लेफ्टिनेंट अनुष्का काला ने कही। कहा कि एनसीसी में छात्रों को अनुशासन और एकता की सीख दी जाती है। साथ ही देश की तीनों सेनाओं से संबंधित होने से छात्रों में सेना के प्रति सम्मान, राष्ट्र के प्रति गौरव और राष्ट्र निर्माण में छात्रों के योगदान का महत्व भी बताया जाता है। कहा कि आज खुद को यूनिफॉर्म में देख कर गर्व महसूस होता है। वहीं, एसजीआरआर विवि की सहायक प्रो. डॉ. दिव्या नेगी घई ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।
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कहा कि अनुशासित और एकता के सूत्र में बंधे युवाओं से देश का भविष्य सुरक्षित है। समर्पित लोगों की देश को बहुत जरूरत है। स्कूल और कॉलेज स्तर पर एनसीसी से जुड़े युवाओं को यही पाठ सिखाया जाता है, ताकि वे आगे चलकर देश की एकता को बनाए रखने अनुशासन में रहते हुए काम कर सकें। दून डिफेंस कॅरिअर प्वाइंट की समन्वयक श्रुति ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए महिलाओं को नेशनल डिफेंस एकेडमी में दाखिल होने का मौका मिलेगा, इसलिए पहली बार इस साल सबसे बड़ी डिफेंस परीक्षा एनडीए एंट्रेंस एग्जाम में लड़कों के साथ ही लड़कियों ने भी प्रतिभाग किया। एक साल पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत फैसला सुनाया था।
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शिक्षिका रुचिका पंत ने कहा कि एनसीसी युवा वर्ग में राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत बनाता है और उन्हें कठोर अनुशासन का पाठ पढ़ाता है। कहा कि इसका उद्देश्य युवा वर्ग में चरित्र निर्माण के साथ निस्वार्थ देश सेवा की भावना का विकास करना है। वहीं इस मौके पर एनसीसी कैडेट्स ने अपने अनुभव और सेना में जाकर देश सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देने की बात कही।
एनसीसी कैडेट्स ने अग्निपथ का किया स्वागत
आर्मी, नेवी और वायुसेना में भर्ती के लिए सरकार की नई योजना अग्निपथ की एनसीसी कैडेट्स ने सराहना की। कहा कि एक समय के बाद हमें काम करने वालों और अनुभव के बीच बेहतर संतुलन मिलेगा। सेना में चार साल अपनी सेवा देने वाले युवा समाज को अनुशासित दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इसके अलावा एनसीसी कैडेट्स ने सुझाव देते हुए कहा कि अग्निपथ योजना में आयु सीमा को बढ़ाना चाहिए।
एक सीमा के बाद भेदभाव नहीं करना चाहिए
एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए ले. अनुष्का काला ने कहा कि लड़का-लड़की में भेदभाव को एक सीमा के बाद नहीं करना चाहिए। दोनों में समानता के लिए सबसे पहले भेदभाव को समाप्त करना होगा। इतना ही नहीं स्थिति के अनुसार हमें खुद को मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत बनाना होगा।
ये रहे मौजूद
दून डिफेंस कॅरिअर प्वाइंट, एसजीआरआर पीजी कॉलेज और डीबीएस पीजी कॉलेज की श्रुति, लेफ्टिनेंट अनुष्का काला, डॉ. दिव्या नेगी घई, कुसुम, किरन, दीक्षा, नेहा, मृगना, श्वेता बिष्ट, रिया कुमारी, दीपशिखा नेगी, आरुषि डोभाल, रुचिका पंत, भावना बिष्ट, खुशी, आंचल रावत, प्रीति कुमारी, दिव्या नेगी, तनिषा नेगी, बुशरा रहमान और प्रीति चौहान आदि।