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आठ दिन के होंगे नवरात्र, ऐसे करें पूजन
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 18 Mar 2015 01:36 PM IST
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चैत्र नवरात्र की शुरुआत 21 मार्च से हो रही है। तृतीया तिथि क्षय होने की वजह से इस बार आठ दिन का ही नवरात्र होगा। घट स्थापना के लिए प्रतिपदा का समय शुभ रहेगा।
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21 मार्च से नवरात्र के साथ ही संवत्सर 2072 की शुरुआत होगी। इस साल का राजा शनि और मंत्री मंगल है। इस दिन सुबह मीन लग्न में सुबह 6:05 से 7:30 तक घट स्थापना करना शुभ माना जा रहा है। इसके बाद राहुकाल की वजह से घट स्थापना नहीं हो सकेगी।
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हालांकि, वृष लग्न में 10:30 से 11 बजे तक घट स्थापना की जा सकती है। प्रतिपदा तिथि सुबह 11:22 तक ही रहेगी। इससे पूर्व का समय ही शुभ माना जा रहा है। तृतीया तिथि क्षय होने की वजह से 27 को अष्टमी और 28 को रामनवमी पड़ रही है। बैसाखी के दिन पड़ने वाले वार को मंत्री माना जाता है।
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वहीं, नवरात्र के पहले दिन के वार को वर्षभर का राजा माना जाता है। दो अगस्त तक शनि के वक्री रहने की वजह से स्थिति सही नहीं मानी जा रही है। वहीं 60 साल बाद किलक संवत्सर पड़ रहा है।
आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार प्रतिपदा तिथि में घट स्थापना के साथ ही नवरात्र में शतचंडी पाठ करना शुभ रहता है। डॉ. आचार्य सुशांत राज के अनुसार शनि न्याय प्रिय देवता हैं, वक्री रहने पर उनका विशेष पूजन किया जाना चाहिए।