फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   navratri 2020 : ashtami and navmi today, kanya pujan at hone and temple

शारदीय नवरात्र 2020 : अष्टमी व नवमी आज, मंदिरों और घरों में किया गया कन्या पूजन

Sat, 24 Oct 2020 07:23 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 24 Oct 2020 07:23 PM IST
विज्ञापन
navratri 2020 : ashtami and navmi today, kanya pujan at hone and temple
घरों और मंदिरों में किया गया पूजन - फोटो : amar ujala

शारदीय नवरात्र की अष्टमी व नवमी आज मनाई गई। इस दौरान सुबह से ही घरों और मंदिरों में कन्या पूजन किया गया। अष्टमी सुबह 6 बजकर 57 मिनट तक रही। नवरात्र में कन्या पूजन श्रेष्ठ माना जाता है। वहीं, शुक्रवार को कुछ श्रद्धालुओं ने अष्टमी का व्रत रखा और कन्याएं जिमाई गईं।  

विज्ञापन


श्री पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में शनिवार को अष्टमी मनाई जा रही है। 25 की सुबह नवमी कन्या पूजन होगा, साथ ही नवरात्र का समापन होगा। इस दौरान दिगंबर भागवत पुरी, दिलीप सैनी, सुनील अग्रवाल, रामस्वरूप यादव, रिंकू शर्मा, राजकुमार गुप्ता, संजय कुमार गर्ग व अन्य उपस्थित रहे। 
विज्ञापन


ज्योतिषाचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं ने कहा कि अष्टमी की कन्या पूजन सुबह सात बजे तक किया जा सकता है। इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो गई है। कन्या पूजन में 09 कन्याओं को भोज व दक्षिणा देना पुण्यकारी होता है। इन कन्याओं को दुर्गा के नौ अवतार के रूप में माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आज ही मनाएं अष्टमी, कल दशहरा

आचार्य डॉ. सुशांत राज ने कहा कि कोरोना का प्रभाव अभी भी बना हुआ है। छोटे बच्चों पर इसका अधिक प्रभाव रहता है। इसलिए कन्या पूजन पर लोग बेटियों को अन्य घरों में कन्या पूजन के लिए भेजने को लेकर खासे सजग हैं। वहीं, पूजन करने वाले भी समझदारी दिखाते हुए कन्याओं के लिए सीमित प्रसाद बनाएंगे, जबकि कई लोग प्रसाद के रूप में फल व दक्षिणा देकर पूजन करेंगे।

तिथियों की अलग अलग धारणाओं के चलते कई पर्व अब दो-दो दिन मनाए जाने लगे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार अष्टमी और नवमी की पूजा शनिवार को ही होगी। दशहरा रविवार को मनाया जाएगा।

भारतीय प्राच्य विद्या सोसाइटी के अध्यक्ष ज्योतिषी डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार शनिवार को ही कन्याएं जिमाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में मुहूर्त का विशेष महत्व है। यदि आप कोई कार्य सकाम अभिलाषा से करते हैं तो आपको मुहूर्त में ही करना चाहिए।

सूर्योदय व्यापिनी अश्विन शुक्ल अष्टमी को श्री दुर्गा अष्टमी या महा अष्टमी कहा जाता है। ये अष्टमी सूर्योदय के बाद एक घटी तक होनी अनिवार्य है। सप्तमी युक्ता अष्टमी है तो त्याग करना चाहिए, लेकिन यदि अष्टमी पहले दिन सप्तमी युक्ता हो और दूसरे दिन एक घटी से कम हो तो इसे सप्तमी युक्ता भी लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस बार विजयदशमी 25 अक्तूबर को होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed