{"_id":"0e3132a4e00f9a18d689de9d3bcf84fb","slug":"navratr-start-from-monday","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में गूंजे भजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में गूंजे भजन
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 31 Mar 2014 07:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो गई। इसके पहले दिन शहरभर में देवी के शैलपुत्री स्वरूप का पूजन किया गया। घरों-मंदिरों में जौ बोई गई। दुर्गा-सप्तशती के पाठ किए गए। सुबह-शाम भजन-कीर्तन किए गए।
विज्ञापन
टपकेश्वर स्थित माता वैष्णों देवी गुफा मंदिर में मां काली, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती की पिंडियों को पवित्र गंगाजल में स्नान करा नए वस्त्र धारण कराए गए। मां दुर्गा माता की विशेष पूजा-अर्चना के बाद ही हरियाली बोई गई।
विज्ञापन
इस मौके पर सच्चा है मईयां का दरबार आदि भजन महिला मंडली द्वारा गाए गए। पटेलनगर स्थित श्री श्याम सुंदर मंदिर में नवरात्र के पहले दिन वार्षिक चुनाव कराए गए। वहीं सुबह घट-स्थापना कर दुर्गा-सप्तशती का पाठ किया गया।
विज्ञापन
ध्वजारोहण रामनवमी के दिन शाम 6 बजे
भवन श्री कालिका माता मंदिर में 108 ब्राह्मणों की ओर से दुर्गानुष्ठान की शुरुआत की गई। मंदिर के प्रचार मंत्री राजेंद्र वर्मा ने बताया कि ध्वजारोहण कार्यक्रम रामनवमी के दिन शाम को 6 बजे होगा। इससे पहले 4 से 6 अप्रैल तक त्रि-दिवसीय शक्ति-सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
घट-स्थापना की गई
श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में महंत 108 रविंद्रपुरी के सान्निध्य में नवरात्र के पहले दिन मां भगवती की पूजा-अर्चना के साथ ही घट-स्थापना की गई। शाम को चलो बुलावा आया है आदि भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। सहारनपुर रोड स्थित श्री आदर्श मंदिर में वार्षिक चुनाव कराए गए। इस मौके पर अरूण कुमार, नीरज, रमन सेठी, अशोक आदि उपस्थित थे।
एक-दूसरे को बधाई
चैत्र-नवरात्र के साथ ही हिंदुओं के नव-वर्ष की शुरुआत हो गई। हिंदू पंचांग के अनुसार विक्रमी संवत 2071 शुरू हो चुका है। जिसके राजा और मंत्री दोनों ही चंद्रमा हैं।
सोमवार को नव-संवत्सर की शुरुआत पर लोगों ने वाट्स-एप और फेसबुक आदि के माध्यम से भी एक-दूसरे को बधाई दी।
आचार्य भरत राम तिवारी ने बताया कि साल पर चंद्रमा का राज होने की वजह से शांति बनी रहेगी। आचार्य सुशांत राज ने कहा कि यह साल कामकाजी स्त्रियों को सफलता देने वाला होगा।