राष्ट्रीय विज्ञान दिवस: खेल और पढ़ाई ही नहीं आविष्कार में भी आगे हैं देहरादून की बेटियां
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बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। खेल हो, पढ़ाई हो या फिर विज्ञान हर क्षेत्र में बेटियां अपनी काबिलियत का लोहा मनवा रही हैं। विज्ञान के क्षेत्र में बेटियां छोटी उम्र में सीमित संसाधनों से एक से बढ़कर एक आविष्कार कर रही हैं। उनके आविष्कार पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण से लेकर अन्य सामाजिक मुहिम में भी मददगार साबित होंगे। आज राष्ट्रीय विज्ञान पर हम आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ बेटियों के बारे में जो राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर अपने हुनर की चमक बिखेर चुकी हैं...
चूल्हे के धुएं से बनेगी बिजली
सनातन धर्म मंदिर इंटर कॉलेज (रेसकोर्स) की 12वीं की छात्रा मानसी ने खास तरह का पैनल तैयार किया है। यह पैनल लकड़ी के चूल्हे के धुएं से बैटरी चार्ज करता है। मानसी ने बताया कि चूल्हे का धुआं ऊपर की ओर जाता है। इसलिए मकान की छत के भीतरी हिस्से में ये पैनल लगाए जाते हैं, इन पैनलों पर धुआं जैसे ही टकराता है, बैटरी चार्ज होने लगती है। यह मॉडल बिजली के अभाव वाले दुर्गम क्षेत्रों में कारगर साबित हो सकता है। शिक्षक रविंद्र भट्ट ने बताया कि मानसी विभाग के इंस्पायर पुरस्कार भी जीत चुकीं हैं।
कूड़ेदान से बाहर कूड़ा फेंकने पर बजेगा सायरन
12वीं का छात्रा महक कोटनाला ने सेंसर वाला कूड़ेदान बनाया है, जिसमें स्वच्छता का संदेश छिपा है। इसमें कूड़ेदान के चारों ओर लाइट व हॉर्न सेंसर लगाए गए हैं। जैसे ही कूड़ा बाहर गिरता है लाइट व हॉर्न बजना शुरू हो जाता है। इससे लोगों को अलर्ट किया जा सकता है। इसका मकसद है कि सार्वजनिक क्षेत्रों में लगे कूड़ेदान का कूड़ा बाहर न गिरे।
सिलाई मशीन में मिलेगी कपड़ा काटने की सुविधा
9वीं की छात्रा सारिका ने खास सिलाई मशीन तैयार की है, जिसमें सिलाई के साथ ही कपड़ा काटने की सुविधा भी मिलेगी। इससे महिलाओं का समय बचेगा, साथ ही वह आसानी से कपड़ा काट सकेंगीं। सारिका का शिक्षा विभाग के राज्य स्तरीय इंस्पायर अवॉर्ड के लिए चयन हुआ है।