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सिर्फ लाइन शुरू करने से हेल्प नहीं मिलती सरकार
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 16 Mar 2014 11:52 AM IST
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विश्व उपभोक्ता दिवस पर शनिवार से उत्तराखंड में नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन की तर्ज पर स्टेट कंज्यूमर हेल्पलाइन शुरू कर दी गई।
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सरकारी कवायद बेहद सुस्त
मगर यह लोगों की दिक्कतों को दूर कर पाने में कितनी कामयाब होगी, यह वक्त ही बताएगा। वजह साफ है, उपभोक्ता फोरम में सदस्यों की कमी और लंबित वादों की बढ़ती गिनती के लिए सरकारी कवायद बेहद सुस्त है।
सरकार सात जिलों के उपभोक्ता फोरम में सदस्य नहीं रख पाई है और मामलों का निपटारा न हो पाने से लोग इंसाफ के लिए भटक रहे हैं।
समस्याओं के लिए टोल फ्री नंबर
उत्तराखंड में स्टेट कंज्यूमर हेल्पलाइन आयुक्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति कार्यालय बंगाली लाइब्रेरी रोड में स्थापित की गई है।
संयुक्त आयुक्त उपभोक्ता मामले डॉ. शुचिस्मिता सेनगुप्ता पाण्डेय के मुताबिक टोल फ्री नंबर 18001804188 पर कोई भी उपभोक्ता सुबह साढ़े दस से साढ़े चार बजे तक कॉल कर सकता है।
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सुनवाई के लिए होने चाहिए दो सदस्य
जिला उपभोक्ता फोरम में किसी भी वाद की सुनवाई के लिए दो सदस्य मौजूद होने जरूरी हैं। फोरम में एक अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति जरूरी है।
सदस्यों में एक महिला अनिवार्य है। शासन विज्ञप्ति जारी कर अध्यक्ष और सदस्यों की पांच साल या 65 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो के लिए नियुक्ति करता है।
964 मामले दून में लंबित
दून में 964 मामले लंबित हैं। औसतन 40 वादों का हर महीने निस्तारण होता रहा है, लेकिन दो सदस्य न होने से सुनवाई लटक गई है। पहले सदस्य थे तो अध्यक्ष नहीं। अब अध्यक्ष हैं तो सदस्य नहीं। 2011 से यहां महिला सदस्य नहीं नियुक्त हो पाई है।
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राज्य की सूरत-ए-हाल
प्रदेश के देहरादून, अल्मोड़ा और नैनीताल में 1350 वाद लंबित हैं। सदस्यों का कोरम पूरा नहीं होने से तीन माह से सुनवाई ठप है। नैनीताल, देहरादून, हरिद्वार, चमोली, चंपावत, पौड़ी और अल्मोड़ा समेत अधिकांश जिलों में महिला सदस्यों के पद खाली हैं। यहां अध्यक्ष हैं, लेकिन दोनों सदस्यों नहीं होने से 350 मामले लंबित हैं।
अल्मोड़ा में न महिला, न पुरुष सदस्य
अल्मोड़ा जिला उपभोक्ता फोरम में 24 नवंबर 2013 को महिला सदस्य लता बोरा रिटायर हो गईं, जबकि पुरुष सदस्य पहले से नहीं हैं। जिले में उपभोक्ताओं की 30 शिकायतें लंबित हैं।
हरिद्वार में 2011 से नहीं महिला सदस्य
हरिद्वार जिला उपभोक्ता फोरम में अध्यक्ष और पुरुष सदस्य हैं, लेकिन महिला सदस्य 23 अप्रैल 2011 से नहीं है।
इन जिलों में भी सदस्य नहीं
चमोली जिला उपभोक्ता फोरम में सात दिसंबर 2013 से महिला सदस्य नहीं हैं। चंपावत में दो जून 2010 से पुरुष, पौड़ी में 15 अप्रैल 2013 से पुरुष सदस्य नहीं हैं।
राज्य उपभोक्ता आयोग भी महिला सदस्य नहीं
राज्य उपभोक्ता आयोग में पांच अक्तूबर 2013 से महिला का पद रिक्त है। यहां भी कोरम पूरा नहीं हो पाता है।