मेडिकल स्टोर के गोदाम से मिला नशीली दवा का बड़ा जखीरा, ड्रग इंस्पेक्टर भी रह गए हैरान
- मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार, चाचा के साथ मिलकर बेचता था नशा
- प्रतिबंधित नशीली दवा की 7680 टेबलेट और 94 बोतल सिरप की बरामद
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उत्तराखंड के रुद्रपुर में भदईपुरा के अलंकृता मेडिकल स्टोर के गोदाम से प्रतिबंधित नशीली दवाओं का जखीरा बरामद हुआ है। ड्रग इंस्पेक्टर और तहसीलदार की देखरेख में गोदाम और उसके स्टोर की सील खोली गई।
एंटी ड्रग टास्क फोर्स ने मेडिकल स्टोर के संचालक को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पकड़े गए आरोपी ने अपने चाचा के साथ मिलकर नशे का काला कारोबार करने की बात स्वीकार की है।
मंगलवार को एंटी ड्रग टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि भदईपुरा में अलंकृता मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित नशीली दवाएं बेची जा रही हैं। सूचना के बाद तहसीलदार अमृता शर्मा, इंस्पेक्टर कैलाश चंद्र भट्ट और एंटी ड्रग टास्क फोर्स प्रभारी राजेश पांडेय ने छापा मारा।
मंगलवार को ही अलंकृता मेडिकल स्टोर और गोदाम को सील कर दिया गया था। ड्रग इंस्पेक्टर नहीं होने के कारण प्रतिबंधित दवाओं की पहचान नहीं हो सकी थी। बृहस्पतिवार को तहसीलदार अमृता शर्मा, नैनीताल की ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट और एडीटीएफ के प्रभारी राजेश पांडेय की देखरेख में मेडिकल स्टोर और गोदाम की सील खोली गई।
मेडिकल स्टोर स्वामी प्रह्लाद मंडल निवासी भदईपुरा के सामने ही दवाओं की जांच की गई। गोदाम में प्रतिबंधित नशीली दवा की 7680 टैबलेट और 94 बोतल सिरप बरामद की गईं। एडीटीएफ ने आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक को प्रह्लाद को गिरफ्तार कर लिया है।
एडीटीएफ प्रभारी राजेश पांडेय ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अपने चाचा सचिन मंडल के साथ मिलकर नशीली दवाएं बेचता था। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सचिन की भी तलाश की जा रही है।