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झाड़ियों से होकर गुजरेगी मां नंदा की डोली
राजा तिवारी/अमर उजाला, चमोली
Updated Tue, 12 Aug 2014 08:56 PM IST
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हिमालय के कुंभ नंदा राजजात को शुरू होने में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है पर अभी तक तैयारियां ही चल रही हैं।
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जगह-जगह यात्रा के पोस्टर लगे हैं, लेकिन प्रशासन के लाख दावों के बावजूद राजजात यात्रा मार्ग तकलीफदेह बना है।
नंदा देवी राजजात यात्रा का तीसरा प्रमुख पड़ाव रामणी अभी तक सुविधाओं के लिए राह देख रहा है। नंदा देवी के सिद्धपीठ कुरुड़ से आठ किमी पैदल और 19 किमी सड़क मार्ग पर स्थित है रामणी पड़ाव। यहां दशोली, निजमुला, घाट और नीती क्षेत्र की नंदा डोलियों और छंतोलियों का मिलन होगा।
जिन पैदल रास्तों से नंदा राजजात यात्रा गुजरनी है, वे रास्ते झाड़ियों से ढके हैं। यात्रा के मुख्य पड़ाव घाट बाजार में सड़क दलदल बनी है। घाट-कुरुड़ मोटर मार्ग पर कहीं भी शौचालय की व्यवस्था नहीं की गई है।
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रामणी पड़ाव पर रात्रि निवास की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। रामणी की ग्राम प्रधान बसंती देवी ने बताया कि राजजात में घाट-रामणी मोटर मार्ग और पैदल रास्ते आवागमन के मुख्य जरिया हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा यहां कोई कार्य नहीं किए गए।
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नहीं है कोई वैकल्पिक योजना
सुविधा के नाम पर बौंठा और रामणी में अस्थायी हेलीपैड बनाया गया है। ग्रामीण सुरेंद्र भंडारी, धन सिंह और सबर सिंह ने बताया कि बारिश हुई तो यात्रा में दिक्कतें होंगी।
प्रशासन ने यात्रा के दौरान त्वरित राहत की कोई वैकल्पिक योजना नहीं बनाई है। प्रशासन को सुविधाएं जुटाने के लिए एक वर्ष का समय मिला था, लेकिन सड़क की खतरनाक स्थिति के कारण पड़ावों पर रसद तक की समुचित आपूर्ति नहीं हो पाई है।
डीएम का है कहना
राजजात के दौरान ग्रामीण अपने साथ टेंट और अन्य जरूरी सामान लेकर आएंगे। सड़क और पैदल रास्तों को दुरुस्त किया जा रहा है। जिन स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है वहां जेसीबी तैनात की गई है। विकट स्थिति में हेलीकॉप्टर की सेवा ली जाएगी। पड़ावों पर रसद की कमी होने नहीं दी जाएगी। यात्रा में व्यवधान नहीं होने दिया जाएगा।
-एसए मुरुगेशन, डीएम, चमोली।
प्रशासन ने यात्रा के दौरान त्वरित राहत की कोई वैकल्पिक योजना नहीं बनाई है। प्रशासन को सुविधाएं जुटाने के लिए एक वर्ष का समय मिला था, लेकिन सड़क की खतरनाक स्थिति के कारण पड़ावों पर रसद तक की समुचित आपूर्ति नहीं हो पाई है।
डीएम का है कहना
राजजात के दौरान ग्रामीण अपने साथ टेंट और अन्य जरूरी सामान लेकर आएंगे। सड़क और पैदल रास्तों को दुरुस्त किया जा रहा है। जिन स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है वहां जेसीबी तैनात की गई है। विकट स्थिति में हेलीकॉप्टर की सेवा ली जाएगी। पड़ावों पर रसद की कमी होने नहीं दी जाएगी। यात्रा में व्यवधान नहीं होने दिया जाएगा।
-एसए मुरुगेशन, डीएम, चमोली।