सात साल बाद मिले भाई-बहन तो गांव वालों ने ढोल नगाड़ों के साथ मनाया जश्न
सात साल बाद कोट कंडारा गांव में भाई बहन का मिलन हुआ। भाई बहन का यह मिलन देख गांव वालों की भी आंखें भर आई। भाई-बहन के मिलन की खुशी में गांव वाले आधे घंटे तक ढोल नगाड़े बजाकर जश्न मनाते रहे।
कोट कंडारा गांव में सात साल बाद हिंडोली गांव की राजराजेश्वरी और नौली के लाटू देवता दोनों भाई-बहन मिलन हुआ। सैकड़ों श्रद्धालु इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए। नौ गांवों (कंडारा, सुनाली, हिंडोली, बांतोली, चंटग्याला, जैंटी मल्ली और तल्ली, उल्फाड़ा, नौली) की ओर से आयोजित इस समारोह में नंदा के मंदिर में दशमद्वार राजराजेश्वरी, लाटू देवता और अन्य देवताओं की पूजा की गई।
इसके बाद नंदा मंदिर में दस दिवसीय श्रीमद्देवी भागवत कथा का आयोजन हुआ। यह धार्मिक अनुष्ठान यहां हर तीसरे साल होता है लेकिन चार साल पहले आई आपदा के चलते यह आयोजन इस बार सात वर्ष बाद हो रहा है।
मंगलवार सुबह नौ बजे कंडारा के नंदा मंदिर में पुजारियों ने पूजा शुरू की। इसके बाद ग्रामीण मां दशमद्वार राजराजेश्वरी की डोली लेने हिंडोली गांव पहुंचे।
पुजारी जगदीश पंत और खिलानंद पंत ने मां राजराजेश्वरी की पूजा की। इसके बाद मंदिर से मां राजराजेश्वरी की डोली बाहर आई और देवताओं के पश्वाओं ने देवनृत्य किया। इसके बाद करीब 11 बजे डोली कंडारा गांव पहुंची। दूसरी ओर नौली (हरकोटी) से राजराजेश्वरी के धर्म भाई लाटू देवता के निशाण पुजारी चंद्रबल्लभ पंत, दिनेेश पंत सहित ग्रामीणों के साथ 11 बजे कंडारा गांव पहुंचे तो दोनों भाई-बहन का मिलन हुआ।
देव जागरों, बाजे भंकोरों के साथ पूजा और देवनृत्य के बाद निशाण और डोली मां नंदा के मंदिर परिसर में विराजमान हो गए। इसके बाद मंदिर परिसर में आचार्य व्यास रोहित मैखुरी ने श्रीमद्देवी भागवत कथा का प्रवचन और पूजा शुरू की। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह बिष्ट, प्रताप सिंह, बलवीर सिंह, आनंद सिंह, उमेद सिंह कठैत, प्रधान देवेंती देवी और मनोज रावत सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।