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हाईकोर्ट के इस फैसले से संविदा कर्मियों को लगा बड़ा झटका, छिन सकती है नौकरी!
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Updated Thu, 19 Apr 2018 08:00 AM IST
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : PTI
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सेवा नियमितीकरण नियमावली 2016 को निरस्त करते हुए प्रदेश सरकार को संविदा के पदों पर सीधी भर्ती करने का आदेश दिया है।
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कोर्ट ने सीधी भर्ती के पदों पर संविदा व अस्थायी कर्मचारियों की बजाय नियमित भर्ती करने के आदेश पारित किए हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले से सरकार के साथ ही संविदा कर्मियों को भी झटका लगा है।
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बता दें कि 30 दिसंबर 2016 को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने विनियमितीकरण सेवा नियमावली-2016 को मंजूरी प्रदान की थी। इसके तहत 2011 में नियुक्त हुए और पांच साल पूरे कर चुके अस्थायी व संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण का हकदार बना दिया गया था। जिससे करीब पांच हजार से ज्यादा कार्मिकों को लाभ पहुंचा था।
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संविदा में भरे गए पदों पर होगी सीधी भर्ती
दोबारा नियमितीकरण की नियमावली नहीं ला सकती सरकार
हल्द्वानी निवासी हिमांशु जोशी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने 31 दिसंबर 2016 को सेवा नियमितीकरण नियमावली जारी की है।
सरकार 2013 में भी नियमितीकरण सेवा नियमावली लाई थी। अब वह दोबारा नियमितीकरण की नियमावली नहीं ला सकती है।
पीठ ने सरकार के 2016 की सेवा नियमितीकरण नियमावली को निरस्त करते हुए कहा कि जो पद संविदा में भरे गए हैं, उन पदों को सीधी भर्ती से भरा जाय।
सरकार 2013 में भी नियमितीकरण सेवा नियमावली लाई थी। अब वह दोबारा नियमितीकरण की नियमावली नहीं ला सकती है।
पीठ ने सरकार के 2016 की सेवा नियमितीकरण नियमावली को निरस्त करते हुए कहा कि जो पद संविदा में भरे गए हैं, उन पदों को सीधी भर्ती से भरा जाय।