आईएएस स्टिंग केस: हाईकोर्ट के फैसले से बढ़ी पुलिस की मुश्किलें, राहुल भाटिया की गिरफ्तारी पर लगी रोक
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हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री के करीबी आईएएस अधिकारी के स्टिंग ऑपरेशन मामले में आरोपी बनाए गए राहुल भाटिया की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए जांच में सहयोग करने के निर्देश भी दिए।
देहरादून निवासी राहुल भाटिया सहित उमेश कुमार शर्मा, प्रवीण साहनी, सौरभ साहनी, मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ 10 अगस्त 2018 को आयुष गौड़ ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने कहा था कि ये लोग स्टिंग ऑपरेशन कर नेताओं और अधिकारियों को ब्लैकमेल करते हैं।
इस पर राहुल भाटिया ने याचिका दायर कर कहा कि उसे इस प्रकरण में झूठा फंसाया गया है। उसका इससे कोई लेना देना नहीं है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए।
पुलिस को राहुल के हलक से राज निकलने की थी उम्मीद
स्टिंग प्रकरण में निजी चैनल के सीईओ उमेश कुमार शर्मा पर कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्टिंग की कमान संभालने वाले राहुल भाटिया की गिरफ्तारी पर फोकस कर दिया था। भाटिया की तलाश में पुलिस की बाहरी राज्यों में दबिश चल रही है।
स्टिंग में आयुष गौड़ के साथ साए के साथ रहने वाले भाटिया से पुलिस को काफी कुछ मिलने की उम्मीद थी, क्योंकि सीईओ के बाद वही स्टिंग आपरेशनों का बड़ा राजदार रहा हैं। लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस को भी झटका लगा है।
सत्त्ता के गलियारों में लंबे समय सक्रिय रहे राहुल भाटिया ही सीईओ उमेश कुमार का सबसे करीबी है। ऐसे में स्टिंग ऑपरेशनों को लेकर सबसे ज्यादा जानकारी राहुल भाटिया दे सकता है, क्योंकि काफी स्टिंग ऑपरेशनों की कमान उसने ही संभाली है।