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फुटपाथ ‘तलाशने’ को फिर होगा दिखावा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 04 Apr 2014 10:07 AM IST
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देहरादून में अतिक्रमण पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भले ही जिला प्रशासन, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीमें तामझाम के साथ फुटपाथ बचाने निकल पड़ेंगे। लेकिन, यह कवायद फिर औपचारिकता ही बनी रह सकती है।
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औपचारिकता इसलिए कि जिम्मेदार विभाग गंभीर होते तो हाईकोर्ट के ही आदेश पर एक वर्ष पूर्व दस दिन तक चले अभियान के बाद तलाशे जा चुके फुटपाथ फिर कब्जों में गायब न होते।
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अतिक्रमण पर नैनीताल हाईकोर्ट ने जताई चिंता
नैनीताल हाईकोर्ट ने राजधानी में अतिक्रमण पर चिंता जताते हुए दून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शर्मा बंटू को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है। एक साल पूर्व भी कोर्ट ने राजेंद्र कोटियाल को यह जिम्मा सौंपा था।
तब कमिश्नर की मौजूदगी में नगर निगम, जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी ने धामावाला से पलटन बाजार, चकराता रोड, प्रिंस चौक से आईएसबीटी तक दुकानों के बाहर स्थित फुटपाथ खाली करवा दिए थे।
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लगभग दस दिन तक टीम लगातार अभियान चलाती रही। इससे अतिक्रमणकारियों में खौफ भी बढ़ा, लेकिन अभियान समाप्त होने के बाद टीम ने निरीक्षण की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
नतीजतन फुटपाथों पर फिर दुकानें सजने लगीं। अब एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की तैयारी तो है, लेकिन इसका हश्र भी पहले जैसा होने की आशंका बनने लगी है।
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मेयर विनोद चमोली का कहना है कि अतिक्रमण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि उन्होंने पहले भी अधिकारियों को निरीक्षण करने के आदेश दिए थे। मेयर का कहना है कि अतिक्रमण हटाने पर निर्णायक अभियान की जरूरत है।
अब यह है हाल पलटन बाजार का
पलटन बाजार में जिन फुटपाथों को टीम ने खाली कराया था। वहां अब पहले से ज्यादा अतिक्रमण हो गया है। कई दुकानदारों ने तो फुटपाथ को फड़ लगाने के लिए किराये पर दे डाला है।
शहर कोतवाली पुलिस भी अतिक्रमण हटाने वाली टीम में शामिल थी, लेकिन कोतवाली के सामने ही दुकानों के आगे फुटपाथ गायब हैं।
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करीब एक साल पूर्व तत्कालीन एसएसपी केवल खुराना ने बाजार में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर बुजुर्गों के बैठने के लिए बेंच लगवाए थे।
लेकिन वे बेंच भी अब गायब हो चुके हैं। हालांकि कई ऐसे व्यापारी भी हैं, जो सही व्यवस्था से इत्तिफाक रखते हैं। व्यापारी गुरजीत सिंह बताते हैं कि वह दुकान के बाहर अतिक्रमण नहीं करते।
इससे प्रशासन की बनाई व्यवस्था पर गलत असर पड़ता है। व्यापारी विपिन सेठी और विनोद कुमार कहते हैं कि प्रशासन के सहयोग की जिम्मेदारी उनकी भी है। इसलिए वे फुटपाथ पर दुकानें नहीं सजाते।
प्रेमनगर और आढ़त बाजार भी अछूते नहीं
उत्तरांचल मानवाधिकार एसोसिएशन के प्रदेश सचिव आलोक घिल्डियाल के मुताबिक शहर में दुकानों और ठेलियों से अतिक्रमण बढ़ा है।
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बताते हैं कि कारगी चौक, शिमला बाईपास चौक, सर्वे चौक और सब्जी मंडी चौक का चौड़ीकरण कर लेफ्ट टर्न की व्यवस्था की गई थी, लेकिन ये भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ गई। इसके अलावा राजपुर रोड, सहारनपुर रोड, प्रेमनगर और आढ़त बाजार में अतिक्रमण बढ़ा है।
मुझे कोर्ट कमिश्नर बनाए जाने के संबंध में अब तक आधिकारिक रूप से हाईकोर्ट का लिखित आदेश नहीं मिला है। ऐसे में अभी कुछ कहना ठीक नहीं। आदेश मिले तभी यह स्पष्ट हो पाएगा कि कोर्ट ने मुझे क्या जिम्मेदारी सौंपी है।
- राजीव शर्मा, अध्यक्ष दून बार एसोसिएशन