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Dehradun News: दूसरी बार हुआ दून विवि का नैक ग्रेड का सर्वे, अब रिजल्ट का इंतजार
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Iचेयरमैन समेत पांच सदस्य टीम ने पूरा किया सर्वे, बेहतर ग्रेड से छात्रों को मिलेगा सीधा फायदाI
दून विश्वविद्यालय में तीन साल की देरी के बाद नैक ग्रेड का सर्वे तो हुआ, लेकिन सर्वे में विवि की रैंकिग तेजी से बढ़ने पर नैक अचंभित हो गया। इसलिए एक बार फिर सर्वे कराया गया है। नैक के चेयरमैन समेत पांच सदस्यों की टीम ने विवि का सर्वे फिर से पूरा कर लिया है। अब विवि प्रशासन के साथ छात्रों को भी रिजल्ट का इंतजार है। माना जा रहा है कि दो से तीन दिन में नैक का परिणाम जारी किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार सभी शिक्षण संस्थानों को नैक से मान्यता पाना जरूरी है। अगर कोई संस्थान यहां से मान्यता नहीं लेता है तो उसे किसी सरकारी योजना का फायदा नहीं मिलता। ऐसे में इस साल जनवरी में विवि में नैक का सर्वे किया गया था। लेकिन नैक ग्रेड में ऐसा उछाल आया कि नैक की टीम ने सर्वे को दोबारा करने का फैसला लिया। विवि में आखिरी बार साल 2017 में नैक ग्रेड का सर्वे हुआ था, तब विवि को बी++ का ग्रेड मिला था। नैक विवि, कॉलेज व संस्थानों की गुणवत्ता परख कर उनको रेटिंग देता है। कॉलेज, विवि या अन्य उच्च शिक्षण संस्थान सभी मानकों को पूरा करने पर नैक ग्रेडिंग के लिए आवेदन करते हैं। आवेदन के बाद नैक की टीम निरीक्षण करती है। यह प्रक्रिया दून विवि की दूसरी बार भी पूरी हो चुकी है। नैक ग्रेडिंग मिलने के बाद ये चार साल के लिए मान्य होता है।
विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया, नैक ग्रेड का दूसरी बार सर्वे पूरा हो चुका है। संभवत: तीन या चार दिन नैक का परिणाम जाएगा। रही बात दूसरी बार सर्वे करने के कारणों की तो यह फैसला नैक की टीम की ओर से ही लिया जाता है। बेहतर ग्रेड के लिए विवि में लगभग सभी कार्य किए गए हैं। इसका सीधा फायदा छात्रों को मिलेगा। साल 2017 में विवि को बी++ का ग्रेड मिला था। जबकि तीन साल की देरी पर उन्होंने कहा, विवि में बहुत से काम होने थे तो बीते तीन साल में आवेदन नहीं किया गया।
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दून विश्वविद्यालय में तीन साल की देरी के बाद नैक ग्रेड का सर्वे तो हुआ, लेकिन सर्वे में विवि की रैंकिग तेजी से बढ़ने पर नैक अचंभित हो गया। इसलिए एक बार फिर सर्वे कराया गया है। नैक के चेयरमैन समेत पांच सदस्यों की टीम ने विवि का सर्वे फिर से पूरा कर लिया है। अब विवि प्रशासन के साथ छात्रों को भी रिजल्ट का इंतजार है। माना जा रहा है कि दो से तीन दिन में नैक का परिणाम जारी किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से जारी गाइडलाइंस के अनुसार सभी शिक्षण संस्थानों को नैक से मान्यता पाना जरूरी है। अगर कोई संस्थान यहां से मान्यता नहीं लेता है तो उसे किसी सरकारी योजना का फायदा नहीं मिलता। ऐसे में इस साल जनवरी में विवि में नैक का सर्वे किया गया था। लेकिन नैक ग्रेड में ऐसा उछाल आया कि नैक की टीम ने सर्वे को दोबारा करने का फैसला लिया। विवि में आखिरी बार साल 2017 में नैक ग्रेड का सर्वे हुआ था, तब विवि को बी++ का ग्रेड मिला था। नैक विवि, कॉलेज व संस्थानों की गुणवत्ता परख कर उनको रेटिंग देता है। कॉलेज, विवि या अन्य उच्च शिक्षण संस्थान सभी मानकों को पूरा करने पर नैक ग्रेडिंग के लिए आवेदन करते हैं। आवेदन के बाद नैक की टीम निरीक्षण करती है। यह प्रक्रिया दून विवि की दूसरी बार भी पूरी हो चुकी है। नैक ग्रेडिंग मिलने के बाद ये चार साल के लिए मान्य होता है।
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विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया, नैक ग्रेड का दूसरी बार सर्वे पूरा हो चुका है। संभवत: तीन या चार दिन नैक का परिणाम जाएगा। रही बात दूसरी बार सर्वे करने के कारणों की तो यह फैसला नैक की टीम की ओर से ही लिया जाता है। बेहतर ग्रेड के लिए विवि में लगभग सभी कार्य किए गए हैं। इसका सीधा फायदा छात्रों को मिलेगा। साल 2017 में विवि को बी++ का ग्रेड मिला था। जबकि तीन साल की देरी पर उन्होंने कहा, विवि में बहुत से काम होने थे तो बीते तीन साल में आवेदन नहीं किया गया।
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