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Dehradun News: शिफन कोर्ट के बेघर लोगों ने दिया धरना
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मसूरी के शिफन कोर्ट के बेघर लोगों ने शहीद स्थल पर सांकेतिक धरना दिया। नगर पालिका और शासन के खिलाफ नारेबाजी कर लोगों ने शीघ्र विस्थापन की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि एक माह के भीतर विस्थापन की कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो विभिन्न संगठनों के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
शिफन कोर्ट के आवासहीन निर्बल मजदूर वर्ग एवं अनुसूचित जाति संघर्ष समिति ने शहीद स्थल पर सांकेतिक धरना दिया। राज्य आंदोलनकारियों, मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन ने धरने को समर्थन दिया। शहरी विकास विभाग के निदेशक को भेजे ज्ञापन में लोगों ने कहा कि शिफन कोर्ट से दो वर्ष पहले 84 परिवारों को रोपवे निर्माण के नाम पर बेघर किया गया था, लेकिन आज तक इनका विस्थापन नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि सभी परिवारों को 50-50 गज भूमि पट्टे पर दी जाए।
अध्यक्ष संजय टम्टा ने कहा कि नगर पालिका ने भूमि देने का प्रस्ताव पास कर आवास देने का वादा किया था, लेकिन आवास नहीं दिए। राज्य आंदोलनकारी प्रदीप भंडारी ने कहा कि हटाए गए सभी परिवारों को उनकी जमीन वापस दी जाए। मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि शहर में लोगों के लिए नगर पालिका ने हंस कॉलोनी बनाने की बात की थी, वह भी अधूरी है।
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इस दौरान सभासद गीता कुमाईं, महासचिव राजेंद्र सेमवाल, पूर्व सभासद केदार चौहान, बिल्लू वाल्मीकि, अनीता सक्सेना, विनोद लाल, रजनी देवी, सरस्वती, लक्ष्मी देवी, सुषमा देवी, दयाल सिंह, संपत्ति लाल आदि मौजूद रहे।
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शिफन कोर्ट के आवासहीन निर्बल मजदूर वर्ग एवं अनुसूचित जाति संघर्ष समिति ने शहीद स्थल पर सांकेतिक धरना दिया। राज्य आंदोलनकारियों, मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन ने धरने को समर्थन दिया। शहरी विकास विभाग के निदेशक को भेजे ज्ञापन में लोगों ने कहा कि शिफन कोर्ट से दो वर्ष पहले 84 परिवारों को रोपवे निर्माण के नाम पर बेघर किया गया था, लेकिन आज तक इनका विस्थापन नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि सभी परिवारों को 50-50 गज भूमि पट्टे पर दी जाए।
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अध्यक्ष संजय टम्टा ने कहा कि नगर पालिका ने भूमि देने का प्रस्ताव पास कर आवास देने का वादा किया था, लेकिन आवास नहीं दिए। राज्य आंदोलनकारी प्रदीप भंडारी ने कहा कि हटाए गए सभी परिवारों को उनकी जमीन वापस दी जाए। मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि शहर में लोगों के लिए नगर पालिका ने हंस कॉलोनी बनाने की बात की थी, वह भी अधूरी है।
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इस दौरान सभासद गीता कुमाईं, महासचिव राजेंद्र सेमवाल, पूर्व सभासद केदार चौहान, बिल्लू वाल्मीकि, अनीता सक्सेना, विनोद लाल, रजनी देवी, सरस्वती, लक्ष्मी देवी, सुषमा देवी, दयाल सिंह, संपत्ति लाल आदि मौजूद रहे।