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लोक अदालत में नहीं होगा एमवी एक्ट के चालानों का निपटारा
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देहरादून। 10 जुलाई को देहरादून में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विभिन्न मुकदमों का आपसी सुलह समझौते के आधार पर निपटारा किया जा सकेगा। राष्ट्रीय लोक अदालत में एमवी एक्ट (मोटर वाहन अधिनियम) चालानों पर कोई कार्यवाही नहीं करेगी। कोर्ट में लंबित ऐसे चालानों को पुलिस क्षेत्राधिकारी और एआरटीओ ही शमन कर सकेंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा कुशवाह ने बताया कि इस संबंध में शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि एमवी एक्ट के जो चालान विभिन्न अदालतों में लंबित हैं उन्हें अस्थाई लोक अदालत में तो भुगता जा सकता है। यह राष्ट्रीय लोक अदालत की श्रेणी में नहीं आते हैं। यहां पर जुर्म इकबाल नहीं किया जाता है। ऐसे में इसके लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) और एआरटीओ को अधिकृत किया गया है। इन दोनों अधिकारियों के पास इन चालानों को लेकर जा सकते हैं। वहां पर समझौते के आधार पर इन्हें कम ज्यादा जिस शुल्क पर भी अधिकारी चाहे निपटा सकता है। इसके बाद इनकी रिपोर्ट संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत की जानी अनिवार्य है। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन वर्चुअल रूप से किया जाएगा। इसमें फौजदारी, एनआई एक्ट, पारिवारिक मामले आदि का सुलह समझौतों के आधार पर निपटारा किया जा सकता है।
स्थाई लोक अदालत का उठाएं लाभ
डीएलएसए सचिव नेहा कुशवाह ने बताया कि लोग अपने समझौते योग्य मुकदमों को स्थाई लोक अदालत में भी निपटा सकते है। आपसी समझौते के आधार पर वर्चुअल या भौतिक रूप से उपस्थित होकर इस अदालत का लाभ लिया जा सकता है। यह अदालत प्रत्येक कार्य दिवस में आयोजित की जाती है।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा कुशवाह ने बताया कि इस संबंध में शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि एमवी एक्ट के जो चालान विभिन्न अदालतों में लंबित हैं उन्हें अस्थाई लोक अदालत में तो भुगता जा सकता है। यह राष्ट्रीय लोक अदालत की श्रेणी में नहीं आते हैं। यहां पर जुर्म इकबाल नहीं किया जाता है। ऐसे में इसके लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) और एआरटीओ को अधिकृत किया गया है। इन दोनों अधिकारियों के पास इन चालानों को लेकर जा सकते हैं। वहां पर समझौते के आधार पर इन्हें कम ज्यादा जिस शुल्क पर भी अधिकारी चाहे निपटा सकता है। इसके बाद इनकी रिपोर्ट संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत की जानी अनिवार्य है। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन वर्चुअल रूप से किया जाएगा। इसमें फौजदारी, एनआई एक्ट, पारिवारिक मामले आदि का सुलह समझौतों के आधार पर निपटारा किया जा सकता है।
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स्थाई लोक अदालत का उठाएं लाभ
डीएलएसए सचिव नेहा कुशवाह ने बताया कि लोग अपने समझौते योग्य मुकदमों को स्थाई लोक अदालत में भी निपटा सकते है। आपसी समझौते के आधार पर वर्चुअल या भौतिक रूप से उपस्थित होकर इस अदालत का लाभ लिया जा सकता है। यह अदालत प्रत्येक कार्य दिवस में आयोजित की जाती है।
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