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मसूरी : 202 एस्टेट में सर्वे, 16 में शेष, नोटिफाइड एरिया में बने मकानों की मुश्किलें बढ़ेंगी
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शहर में नोटिफाइड और अन-नोटिफाइड एस्टेट का सर्वे कार्य दिसंबर माह तक पूरा होने की उम्मीद है। सर्वे पूरा होने की तिथि करीब आने के साथ ही नोटिफाइड क्षेत्र में बने भवनों को लेकर शहर वासियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। उन्हें यह पता नहीं चल पा रहा है कि क्या उन्हें कोई राहत मिलेगी या फिर उनकी परेशानियां बढेंगी।
मसूरी वन प्रभाग, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, सर्वे ऑफ इंडिया और मसूरी नगर पालिका परिषद मिलकर मसूरी के 218 प्राइवेट एस्टेट का सर्वे कर रहे हैं, ताकि वन और आवासीय क्षेत्र को चिह्नित कर सकें। एमडीडीए ने बताया कि 16 एस्टेट का सर्वे बाकी रह गया है। सर्वे कर बाउंड्री करने का काम किया जा रहा है। अब सर्वे पूरा होने का काम जैसे नजदीक आ रहा है, मसूरी में कई लोग इसे लेकर संशय में हैं। दरअसल 1980 में मसूरी में पर्यावरण मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई थी, जिसके तहत वन क्षेत्र में किसी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकता। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद वन क्षेत्र में 1980 के बाद बने भवनों को खतरा हो सकता है। शहर के 218 एस्टेट में से 202 का सर्वे हो चुका है और 16 एस्टेट का सर्वे कार्य दिसंबर माह तक पूरा होने की उम्मीद है। सर्वे पूरा होने के बाद एमडीडीए और टाउन प्लानर मसूरी के मास्टर प्लान पर कार्य करेंगे। नोटिफाइड क्षेत्र में जिन लोगों ने अपने भवन बना दिए हैं वह लोग चितित हैं।
जिन लोगों ने नोटिफाइड (वन क्षेत्र ) में आवास बनाए है उनको एमडीडीए को समायोजित करना चाहिए या फिर सरकार को नोटिफाइड क्षेत्र में बने भवन स्वामियों के लिए कोई नीति लानी चाहिए। -देवी गोदियाल
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नोटिफाइड क्षेत्र में मसूरी में कई लोगों के भवन हैं, जिन लोगों के नोटिफाइड क्षेत्र में आवास बने हैं, उनके भवनों को कंपाउंडिंग करने के लिए सरकार को नियमों में सरलीकरण करना चाहिए। -पुष्कर सिंह पटवाल
शहर में नोटिफाइड क्षेत्र में पूर्व से ही कई भवन बने हैं, उस क्षेत्र को सरकार को अन-नोटिफाइड क्षेत्र में शामिल करना चाहिए। जो आवास नोटिफाइड या वन क्षेत्र में बने हैं, उनको रियायत देने के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए। दर्शन रावत, जनप्रतिनिधि
जहां नोटिफाइड क्षेत्र में समतल एरिया और पेड़ नहीं हैं, उस स्थान पर बने भवन स्वामियों को राहत मिलनी चाहिए। नियमों में सरलीकरण और समाधान के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। -संजय अग्रवाल, होटल व्यवसायी
शहर के 218 एस्टेट में से अधिकांश का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है और दिसंबर माह तक सर्वे कार्य पूरा होने वाला है। जिन लोगों के आवास नोटिफाइड एरिया में पहले से बने है उनको सर्वे रिपोर्ट आने के बाद दिक्कत हो सकती है। -अमित गुप्ता, आर्किटेक्ट
सर्वे का कार्य चल रहा है, सर्वे रिपोर्ट आने के बाद वन क्षेत्र में बने मकानों के लिए नीति बनाने पर विचार किया जाएगा।
-- बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए
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मसूरी वन प्रभाग, मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, सर्वे ऑफ इंडिया और मसूरी नगर पालिका परिषद मिलकर मसूरी के 218 प्राइवेट एस्टेट का सर्वे कर रहे हैं, ताकि वन और आवासीय क्षेत्र को चिह्नित कर सकें। एमडीडीए ने बताया कि 16 एस्टेट का सर्वे बाकी रह गया है। सर्वे कर बाउंड्री करने का काम किया जा रहा है। अब सर्वे पूरा होने का काम जैसे नजदीक आ रहा है, मसूरी में कई लोग इसे लेकर संशय में हैं। दरअसल 1980 में मसूरी में पर्यावरण मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई थी, जिसके तहत वन क्षेत्र में किसी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकता। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद वन क्षेत्र में 1980 के बाद बने भवनों को खतरा हो सकता है। शहर के 218 एस्टेट में से 202 का सर्वे हो चुका है और 16 एस्टेट का सर्वे कार्य दिसंबर माह तक पूरा होने की उम्मीद है। सर्वे पूरा होने के बाद एमडीडीए और टाउन प्लानर मसूरी के मास्टर प्लान पर कार्य करेंगे। नोटिफाइड क्षेत्र में जिन लोगों ने अपने भवन बना दिए हैं वह लोग चितित हैं।
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जिन लोगों ने नोटिफाइड (वन क्षेत्र ) में आवास बनाए है उनको एमडीडीए को समायोजित करना चाहिए या फिर सरकार को नोटिफाइड क्षेत्र में बने भवन स्वामियों के लिए कोई नीति लानी चाहिए। -देवी गोदियाल
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नोटिफाइड क्षेत्र में मसूरी में कई लोगों के भवन हैं, जिन लोगों के नोटिफाइड क्षेत्र में आवास बने हैं, उनके भवनों को कंपाउंडिंग करने के लिए सरकार को नियमों में सरलीकरण करना चाहिए। -पुष्कर सिंह पटवाल
शहर में नोटिफाइड क्षेत्र में पूर्व से ही कई भवन बने हैं, उस क्षेत्र को सरकार को अन-नोटिफाइड क्षेत्र में शामिल करना चाहिए। जो आवास नोटिफाइड या वन क्षेत्र में बने हैं, उनको रियायत देने के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए। दर्शन रावत, जनप्रतिनिधि
जहां नोटिफाइड क्षेत्र में समतल एरिया और पेड़ नहीं हैं, उस स्थान पर बने भवन स्वामियों को राहत मिलनी चाहिए। नियमों में सरलीकरण और समाधान के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। -संजय अग्रवाल, होटल व्यवसायी
शहर के 218 एस्टेट में से अधिकांश का सर्वे कार्य पूरा हो चुका है और दिसंबर माह तक सर्वे कार्य पूरा होने वाला है। जिन लोगों के आवास नोटिफाइड एरिया में पहले से बने है उनको सर्वे रिपोर्ट आने के बाद दिक्कत हो सकती है। -अमित गुप्ता, आर्किटेक्ट
सर्वे का कार्य चल रहा है, सर्वे रिपोर्ट आने के बाद वन क्षेत्र में बने मकानों के लिए नीति बनाने पर विचार किया जाएगा।