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अब म्यूजियम में सुनेंगे जागेश्वर के मंदिरों का इतिहास
प्रवेश कुमारी/ अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Thu, 28 May 2015 04:00 PM IST
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9वीं से 13वीं सदी के बीच बने उत्तराखंड के जागेश्वर मंदिर समूह का नजारा करने देश भर से हर साल लाखों पर्यटक पहुंचते हैं।
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अब पर्यटकों को यहां घूमने के साथ ही मंदिरों का इतिहास भी सुनने को मिलेगा। वह समूह के 124 छोटे-बड़े मंदिरों के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने इन मंदिरों पर एक डाक्यूमेंट्री तैयार की है, जिसका प्रदर्शन इसी शुक्रवार से शुरू हो जाएगा।
गुरुवार को हल्द्वानी में पर्यटन मंत्री महेश शर्मा इस डॉक्यूमेंट्री को लांच करेंगे। डाक्यूमेंट्री की अवधि सात मिनट की रखी गई है। इसके प्रदर्शन के लिए जागेश्वर म्यूजियम में व्यवस्था की गई है। एएसआई दून सर्किल (कुमाऊं मंडल इसी के अधीन) के अधीक्षण पुरातत्वविद् वसंत स्वर्णकार बताते हैं कि डॉक्यूमेंट्री का ट्रायल रन हो चुका है।
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डॉक्यूमेंट्री के साथ ही एएसआई की ओर से तैयार किए गए मोबाइल ऐप को भी पर्यटन मंत्री सर्किट हाउस में लांच करेंगे। इस मोबाइल ऐप पर एएसआई की ओर से संरक्षित किए जा रहे सभी स्मारकों के संबंध में जानकारी पर्यटकों को एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।
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ऑन लाइन तो एंड्रायड फोन पर यह ऐप पहले से उपलब्ध है। तकरीबन एक लाख की धनराशि में इस ऐप को दिल्ली से खास तौर पर तैयार कराया गया है। इसमें विभिन्न स्मारकों के इतिहास, प्रमुख स्थानों से दूरी, स्थिति आदि सभी पहलुओं के बारे में एक नजर में जाना जा सकता है।
प्रदेश के मंदिरों का साइट मैनेजमेंट प्लान भी
उत्तराखंड में एएसआई के संरक्षणाधीन मंदिरों का साइट मैनेजमेंट प्लान भी तैयार किया जा रहा है। इसके लिए जिलों में प्रशासन से बात-चीत चल रही है। परिसरों को इस प्लान के मुताबिक ही विकसित किया जाएगा। इसी जून माह तक इस प्लान के अंतिम रूप लेने की संभावना है।