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माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद बढ़ेगा सुनील राठी का राजनीतिक कद

Wed, 11 Jul 2018 10:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की Updated Wed, 11 Jul 2018 10:04 AM IST
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munna bajrangi murder sunil rathi political status can be increased
munna bajrangi, sunil rathi

बागपत जेल की जिस बैरक में कुख्यात सुनील राठी को रखा गया था, उसी बैरक में पेशी के लिए लाकर रखे गए माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या बड़े राजनीतिक हस्तक्षेप की ओर इशारा कर रही है।

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यूपी की राजनीति में बजरंगी राजनीतिक ध्रुवीकरण को धार दे रहा था, जबकि राठी उसका दुश्मन बना था। ऐसे में जहां एक ओर राठी से हत्या के तार जुड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राठी का राजनीतिक कद भी बढ़ने की आशंका पैदा हो रही है। यदि राजनीति और अपराध का गठजोड़ भविष्य में चलकर सही साबित होता है तो आने वाले समय में उत्तराखंड पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनेगा।  
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सूत्रों की मानें तो मुन्ना बजरंगी की हत्या महज गैंगवार का ही परिणाम नहीं है, बल्कि हत्याएं करवाकर राजनीति का रुख बदल रहे कुख्यातों को रास्ते से हटाने में राजनीतिक हस्तक्षेप की ओर इशारा है। 2005 में मुन्ना ने मुहम्मदाबाद के भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या कर दी थी। इसके बाद वह खौफ का पर्याय बन गया था।

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उसके सुरक्षित नेटवर्क को भेदना पहले से ज्यादा मुश्किल होगा

munna bajrangi murder sunil rathi political status can be increased
Munna Bajrangi - फोटो : अमर उजाला

1995 में यूपी में हुई एक मुठभेड़ के दौरान उसे गोली भी लगी थी। 2012 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके मुन्ना बजरंगी खनन के कारोबार में भी हस्तक्षेप करने लगा था। सुपारी लेकर हत्या कराने के लिए मशहूर हो चुके मुन्ना बजरंगी का खौफ राजनीतिक गलियारों में सुनाई देने लगा था।

सूत्रों की मानें तो भाजपा के कई विधायक उसके निशाने पर थे। ऐसे में मुन्ना की हत्या के पीछे राजनीतिक कारणों से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं इस काम को अंजाम देने में संदेह के घेरे में आ रहे कुख्यात सुनील राठी पर जब यह इल्जाम साबित होगा तो निश्चित रूप से राजनीतिक दृष्टिकोण से कहीं न कहीं उसकी हैसियत भी बनेगी।

ऐसे में कहीं सुनील राठी का अपराध के साथ-साथ राजनीतिक कद न बढ़ जाए। इसके लेकर पीएचक्यू के अधिकारियों की बेचैनी भी बढ़ेगी। क्योंकि खासतौर से हरिद्वार जिले में राठी पहले से ही जेल में रहकर नेटवर्क चलाता रहा है। ऐसे में उसके सुरक्षित नेटवर्क को भेदना पहले से ज्यादा मुश्किल होगा।  

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