{"_id":"6705bbfaedd94a4197087ea4","slug":"movable-and-immovable-properties-worth-more-than-dehradun-news-c-5-1-drn1030-520737-2024-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: पेशेवर नशा तस्कर की एक करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: पेशेवर नशा तस्कर की एक करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Iएनडीपीएस एक्ट के तहत वित्तीय जांच में सामने आई अवैध संपत्तियांI
Iदेहरादून जिले में पहली बार की गई किसी पेशेवर नशा तस्कर की संपत्ति जब्तI
कोबरा गैंग के पेशेवर नशा तस्कर शिवम गुप्ता की एक करोड़ से ज्यादा की चल-अचल संपत्तियों को पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जब्त किया गया है। गुप्ता को मार्च में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत उसकी वित्तीय जांच की गई। जांच में उसके पास कई भूखंड भी पाए गए। यह सब उसने अवैध रूप से नशा बेचकर खरीदे थे। देहरादून जिले में पहली बार किसी नशा तस्कर की संपत्तियों को फ्रीज किया गया है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी नशा तस्करी के मुकदमे दर्ज थे। ऐसे में उसे नशा तस्करी में लिप्त रहने के कारण पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत नौ महीने के लिए जिला जेल में निरुद्ध किया गया। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(एफ) के तहत उसकी वित्तीय जांच की गई। जांच में पुलिस ने पाया कि आरोपी के नाम पर 25 लाख रुपये की कीमत का देहराखास में एक प्लॉट, मेहूंवाला माफी में 45 लाख रुपये का एक प्लॉट, 15 लाख रुपये की कीमत के दो प्लॉट, 11 लाख रुपये के तीन वाहन और विभिन्न बैंक खातों में 3.20 लाख रुपये जमा हैं। पुलिस ने रजिस्ट्रार कार्यालय, आरटीओ, बैंक और अन्य विभागों को रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। अब वह इन संपत्तियों का उपयोग और बेच नहीं सकता है।
Iदो और नशा तस्करों की चल रही वित्तीय जांचI
पुलिस दो और आरोपियों की वित्तीय जांच कर रही है। इनमें अमरकांत अतिवाल उर्फ डोला और मोहसिन राव शामिल हैं। दोनों को भी पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत सुद्धोवाला जेल में निरुद्ध कराया गया है। दोनों आरोपियों को पटेलनगर और रायपुर पुलिस ने पकड़ा था। जल्द ही आरोपियों की वित्तीय जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट विभिन्न विभागों को दी जाएगी।
विज्ञापन
I2021 में एसटीएफ ने की थी कार्रवाईI
देहरादून जिले में वित्तीय जांच के बाद संपत्ति जब्त करने की पहली कार्रवाई है। इससे पहले 2021 में एसटीएफ ने बरेली के नशा तस्करों की संपत्तियों को जब्त कराया था। इनके पास से एक किलोग्राम से भी ज्यादा स्मैक बरामद हुई थी। बरेली के इन तस्करों के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कई मुकदमे दर्ज थे।
विज्ञापन
Iदेहरादून जिले में पहली बार की गई किसी पेशेवर नशा तस्कर की संपत्ति जब्तI
कोबरा गैंग के पेशेवर नशा तस्कर शिवम गुप्ता की एक करोड़ से ज्यादा की चल-अचल संपत्तियों को पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जब्त किया गया है। गुप्ता को मार्च में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत उसकी वित्तीय जांच की गई। जांच में उसके पास कई भूखंड भी पाए गए। यह सब उसने अवैध रूप से नशा बेचकर खरीदे थे। देहरादून जिले में पहली बार किसी नशा तस्कर की संपत्तियों को फ्रीज किया गया है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी नशा तस्करी के मुकदमे दर्ज थे। ऐसे में उसे नशा तस्करी में लिप्त रहने के कारण पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत नौ महीने के लिए जिला जेल में निरुद्ध किया गया। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(एफ) के तहत उसकी वित्तीय जांच की गई। जांच में पुलिस ने पाया कि आरोपी के नाम पर 25 लाख रुपये की कीमत का देहराखास में एक प्लॉट, मेहूंवाला माफी में 45 लाख रुपये का एक प्लॉट, 15 लाख रुपये की कीमत के दो प्लॉट, 11 लाख रुपये के तीन वाहन और विभिन्न बैंक खातों में 3.20 लाख रुपये जमा हैं। पुलिस ने रजिस्ट्रार कार्यालय, आरटीओ, बैंक और अन्य विभागों को रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। अब वह इन संपत्तियों का उपयोग और बेच नहीं सकता है।
विज्ञापन
Iदो और नशा तस्करों की चल रही वित्तीय जांचI
पुलिस दो और आरोपियों की वित्तीय जांच कर रही है। इनमें अमरकांत अतिवाल उर्फ डोला और मोहसिन राव शामिल हैं। दोनों को भी पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत सुद्धोवाला जेल में निरुद्ध कराया गया है। दोनों आरोपियों को पटेलनगर और रायपुर पुलिस ने पकड़ा था। जल्द ही आरोपियों की वित्तीय जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट विभिन्न विभागों को दी जाएगी।
विज्ञापन
I2021 में एसटीएफ ने की थी कार्रवाईI
देहरादून जिले में वित्तीय जांच के बाद संपत्ति जब्त करने की पहली कार्रवाई है। इससे पहले 2021 में एसटीएफ ने बरेली के नशा तस्करों की संपत्तियों को जब्त कराया था। इनके पास से एक किलोग्राम से भी ज्यादा स्मैक बरामद हुई थी। बरेली के इन तस्करों के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कई मुकदमे दर्ज थे।