बालिका निकेतन में किशोरी की मौत, बाथरूम में पड़ी मिली बेहोश, फांसी लगाने की बात आ रही सामने
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देहरादून के बालिका निकेतन में मां के कत्ल के आरोप में बंद किशोरी की बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिली थी। हालांकि, पुलिस सूत्रों का दावा है कि जांच में फांसी लगाने की बात सामने आ रही है।
अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकाें से उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की वजह बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद ही साफ हो पाएगी। उसे तीन मई को हरिद्वार से यहां स्थानांतरित किया गया था। उधर, देर शाम एसडीएम सदर कमलेश महता और सीओ जया बलूनी ने भी बालिका निकेतन पहुंचकर कर्मचारियों के बयान लिए।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बुधवार शाम साढे़ सात बजे के करीब पुलिस को सूचना दी कि बालिका निकेतन में बंद हरिद्वार निवासी किशोरी बेहोशी की हालत में मिली है। कर्मचारी उसे दून अस्पताल ले गए, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि किशोरी पर अपनी मां की हत्या का आरोप था। तीन मई को अदालत के आदेश पर उसे हरिद्वार नारी निकेतन से बालिका निकेतन लाया गया था। फिलहाल शव को दून अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। इस संबंध में पुलिस ने संबंधित कर्मचारियों से भी पूछताछ की।
ऐसे किया था मां का कत्ल
आरोप है कि किशोरी ने 19 सितंबर की रात पाठल से अपनी मां सावित्री देवी की गर्दन, सिर और हाथ पर अनगिनत वार कर हत्या कर दी। खून से सने कपड़े बदलकर वह उसी रात घर से बाहर निकल गई थी।
पाठल को झाड़ियों में फेंकने के बाद वह बस से पंजाब भाग गई थी। कनखल पुलिस ने 25 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया था। किशोरी का दावा था कि जिस्म फरोशी के धंधे में धकेलने के कारण उसने मां की हत्या की थी।